आचार संहिता समाप्ति के बाद मंगलवार को हुई पहली जनसुनवाई
136 आवेदकों ने समस्याओं के लेकर दिया आवेदन कलेक्टर श्री प्रसाद ने आवेदन पर सुनवाई कर विभागीय अधिकारियों को समस्या के निराकरण के दिये निर्देश
(कटनी) लोकसभा चुनाव की लागू आदर्श आचार संहिता के समाप्त होने के बाद मंगलवार 11 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पहली जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री अवि प्रसाद एवं जिला पंचायत सी.ई.ओ शिशिर गेमावत ने जनसुनवाई में पहुचे आवेदकों की समस्याएं धैर्यपूर्वक सुना। तत्काल निराकृत हो सकने वाली समस्याओं का मौके पर निराकरण कराया गया। ऐसी समस्याएं जिनका निराकरण तत्काल संभव नहीं था उन्हे संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर प्रेरित कर निर्धारित समय-सीमा मे आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर प्रमोद चतुर्वेदी एवं विवेक गुप्ता द्वारा भी आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई मे 136 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर आए थे। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री अवि प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज से अपनी समस्याओं और शिकायतों के निराकरण की आस और उम्मीद में यहां कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले व्यक्ति की दिक्कत और परेशानी को अधिकारी धैर्य से सुनें। कलेक्टर श्री प्रसाद ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि शिकायत और समस्या सुनते समय अधिकारी की कार्यशैली में मानवीयता व संवेदना का प्रकटीकरण होना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्याओं को पूरे धैर्य से सुनें, यथा उचित और नियमानुसार उसका निराकरण करायें। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी लोकसेवक हैं, इस नाते से लोगों का दुख-दर्द जानना और उसका निराकरण करना दायित्व है। इसलिए अधिकारी,जन-आकांक्षाओं और जनहित की पूर्ति और जनता के प्रति जवाबदेह बनें। जनसुनवाई के दौरान बाल गंगाधर तिलक वार्ड निवासी अमित निषाद द्वारा बकाया पारिश्रमिक राशि दिलाने, ग्राम निमास निवासी छोटी बाई मांझी द्वारा ग्राम निस्तार का गंदा पानी लगानी भूमि की तलैया में जाने, ग्राम कांटी निवासी अशोक कुमार कुम्हार द्वारा पानी निकासी हेतु आर.सी.सी नाली का निर्माण कराने, ग्राम खुजरी निवासी सुंदर लाल बर्मन द्वारा जमीन से अवैध कब्जा हटाने, ग्राम सिंहुडी निवासी जानकी प्रसाद द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने सहित अन्य आवेदनों पर सुनवाई की जाकर विभागीय अधिकारियों की ओर प्रकरण कार्यवाही हेतु प्रेषित किये गए। जनसुनवाई के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल सिंह, जिला संयोजक अनुसूचित जाति जनजाति कार्य विभाग पूजा द्विवेदी, उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ आर.के. सिंह, सहित अन्य विभागीय जिला अधिकारी मौजूद रहे।
