मत्स्य पालकों, पशु पालकों सहित किसानों की क्रेडिट लिमिट 2 लाख की गई

फसल ऋण मान की जिला तकनीकी समिति की बैठक

कटनी  आत्म निर्भर मध्यप्रदेश और किसानों तथा प्रवासी मजदूरों को सक्षम आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में शुक्रवार को कलेक्टर शशिभूषण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न सहकारी एवं व्यवसायिक बैंकों के लिये फसल ऋण मान संबंधी जिला तकनीकी समिति की बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 2 लाख रुपये तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर महाप्रबंधक केन्द्रीय सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, एलडीएम उदाम बानरा, जिला प्रबंधक नाबार्ड एम0 धनेश, महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0के0 सिंह, सहायक पंजीयक डॉ0 अरुण मसराम, सहायक संचालक मत्स्य अंजू वर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि पीएम किसान योजना के सभी किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा बनाये जायें। मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन, पशु पालन की गतिविधियां अपनाने वाले किसानों और पशु पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड दिये जाने हैं। आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के दृष्टिकोण से सभी किसानों और पशु पालकों को उद्यानिकी, मत्स्य, लघु उद्योग आदि अन्य सहायक गतिविधियों से जोड़ा जाये। जिला तकनीकी समिति की बैठक में मत्स्य पालकों, पशु पालकों, किसानों को जारी किये गये किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने कृषि उत्पादन आयुक्त की बैठक में दिये गये निर्देश और लक्ष्यपूर्ति के संबंध में विभिन्न विभागीय कार्ययोजना की जानकारी भी ली। उन्होने कहा कि जिले में उद्यानिकी, कृषि, मत्स्य पालन क्षेत्र का विस्तार करते हुये उत्पादन भी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। पशुपालन विभाग दुग्ध रुट की पहचान करते हुये पशुपालकों और दुग्ध संकलन समितियों से जोड़ें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि लॉकडाउन में बड़ी संख्या में हुनरमंद प्रवासी मजदूर अपने जिले में लौटे हैं। उनकी आजीविका और आत्म निर्भरता के लिये इस अवसर का लाभ उठायें। कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और फूड कंजरवेशन के छोटे-छोटे उद्यम लगाने तथा महिलाओं के स्वसहायता समूहों को सशक्त बनाने का प्रयास करें।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण विकास की योजनाओं से बने तालाबों और सिंचाई तालाबों में मत्स्य पालन की गतिविधियों लेकर क्षेत्र विस्तार करें। मछुआ सहकारी समितियों एवं मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं से प्रोत्साहन देवें। इसी प्रकार नाबार्ड और पशु पालन विभाग की योजनाओं से पशु पालकों की संख्या वृद्वि एवं मिल्क रुट का विकास करें। उद्योग केन्द्र के समन्वय से उद्यानिकी फसलों एवं खरीफ और रबी की फसलों के अलावा जायद फसलों के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जाये तथा अन्तरवर्ती, विविधता एवं जैविक खेती के लिये किसानों को प्रमोट करें।

खाद बीज की उपलब्धता एवं खरीफ तैयारी की समीक्षा

            कलेक्टर श्री सिंह ने इस मौके पर खरीफ मौसम की फसलों की तैयारी एवं जिले में खाद-बीज, कीटनाशक की उपलब्धता की समीक्षा की। उप संचालक कृषि ने बताया कि इस वर्ष 1 लाख 96 हजार हैक्टेयर क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। अन्नपूर्णा योजना में 1900 क्विंटल खरीफ फसलों का बीज मिला है। जिले में 41 हजार क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी। एनएससी बीज उत्पादक संस्था एवं प्राईवेट सेक्टर से बीज की पूर्ति की जा रही है। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। ग्रीष्मकालीन स्वीटकॉर्न की बुवाईै से क्षेत्र की कमी को हाईब्रिड मक्का से पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि खरीफ में दलहल-तिलहन को बढ़ावा देने आवश्यक बीज की डिमाण्ड भेजकर आपूर्ति सुनिश्चित करें। सोसायटी में किसानों को खाद-बीज सहज उपलब्ध रहना चाहिये। खाद-बीज, कीटनाशक किसानों को समय पर उपलब्ध करायें।

पीएम किसान के क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता से जारी करें

            महाप्रबंधक सहकारी केन्द्रीय बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि पीएम किसान योजना के लगभग 7500 किसानों को जिनके पास केसीसी नहीं हैं, जारी किये जाने हैं। सहकारी बैंक द्वारा 3600 किसानों को अब तक केसीसी जारी किये जा चुके हैं। शेष किसानों के कॉमर्शियल बैंक और सहकारी बैंक द्वारा जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। कलेक्टर ने पीएम किसान योजना के शेष किसानों को प्राथमिकता से केसीसी जारी करने के निर्देश दिये हैं।

टिड्डी दल के हमले से करें फसलों का बचाव

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने प्रदेश में आये टिड्डी दल के जिले में प्रभाव की समीक्षा की। उन्होने कहा कि किसानों को टिड्डी दल से बचाव के उपायों की जानकारी दें। इस हेतु तैनात कृषि विभाग के दल स्थानीय निकाय से समन्वय कर क्षेत्र में टिड्डी दल का ठहराव नहीं होने दें। कीटनाशक का छिड़काव एवं ध्वनि विस्तार के उपायों से दल का ठहराव नहीं होने दें। उन्होने कहा कि बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ क्षेत्र में टिड्डी दल के आगमन की सूचना मिली है। बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ के एसएडीईओ के पास कम से कम 20-20 लीटर कीटनाशक रसायन स्प्रे के लिये मौजूद रखें।

सहकारिता की शेष वसूली शीघ्र करें

            कृषि उत्पादन आयुक्त की समीक्षा बैठक के निर्देशानुसार सहकारिता विभाग की पीडीएस शॉप, लिंकिंग वसूली की शेष राशि शीघ्र वसूल करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये हैं। सहायक पंजीयक ने बताया कि पीडीएस दुकानों की बकाया वसूली 1.50 करोड़ की राशि में से अब तक 70 लाख की वसूली शेष है। इसी प्रकार 34 लाख 6 हजार की लिंकिंग वसूली में 103 किसानों से 24 लाख की बकाया वसूली कर ली गई है। कलेक्टर ने शेष वसूली एक सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिये और वसूली होने तक सभी सहकारिता निरीक्षकों का जून माह का वेतन रोकने के निर्देश दिये हैं।

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