विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन
(खरगोन) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महात्मा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर जागरूकता एवं नालसा की तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्री सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों का यौन शोषण नहीं हो, इसलिये बच्चांे को किसी अनजान व्यक्ति के बहकावे में नहीं आना चाहिए। बच्चों को बहला फुसलाकर अपहरण कर उनका यौन शोषण किया जाता है, ऐसे कई गिरोह है जो अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी मानव तस्करी का व्यापार करते है। न्यायाधीश श्री कुमार ने कहा कि जब किसी बालक बालिका या महिला का अपहरण किया जाता है और फिर उसे ऐसे गिरोहों को बेच दिया जाता हैं जो उनका यौन शोषण करते हैं और वेश्यावृत्ति जैसे धंधे में धकेल देते हैं। कुछ मामलों में नाबालिक लड़कियों को शादी का झांसा देकर, उन्हें बड़े शहरों में गलत धंधे में डाल दिया जाता है।
विशेष अतिथि जिला न्यायाधीश दीपक चौधरी ने मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी देते हुए बताया कि अगर आपके मूल अधिकारों का उल्लंघन होता है तो आप उच्च न्यायालय की शरण मंे जा सकते है। हमारा संविधान सभी नागरिकों के मूल अधिकारों का संरक्षण करता है। हमारे अधिकारों के कर्तव्य भी महत्वपूर्ण है अब हमारे माता पिता का भी यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चो के लिए शिक्षा की व्यवस्था का प्रयास करे। हमे राष्ट्रीय ध्वज राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए हमारे फ्रीडम फाइटर हमारी विरासत की भी हमें रक्षा और सम्मान करना चाहिए। हमे महिलाओं की मर्यादा का भी पालन करना चाहिए यह भी हमारा कर्तव्य है। पैरालीगल वालेंटियर दुर्गेश राजदीप ने विधिक सेवा की जानकारी और नगर का इतिहास भी बताया।
अतिथियों का स्वागत प्रभारी प्राचार्य श्री एपी तिवारी ने, संचालन कीर्ति शुक्ल ने और आभार शिक्षक श्री महेंद्र पाटीदार ने माना। इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी श्री राकेश बारिया, क्रीड़ा अधिकारी श्री मुश्ताक पठान, श्री राकेश कुलश्रेष्ठ, श्री सुधीर गोखले सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
