पेयजल गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रशिक्षित किया गया

(रतलाम)  जिले की ग्राम पंचायत सिनोद में पेयजल व स्वच्छता की जागरूकता के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रतलाम द्वारा पेयजल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण ग्राम स्तर पर एफटीके के माध्यम से दिया गया। ग्राम पंचायत सिनोद के माध्यमिक विद्यालय में पीएचई विभाग के जिला जल सलाहकार श्री आनंद व्यास ने स्कूली बच्चों को शुद्ध जल व दूषित जल की पहचान के बारे में बताया की साधारणतः रंगहीन, गन्धहीन, स्वादहीन जल को स्वच्छ माना जाता है किंतु जल में कई रासायनिक तत्व मिले होते हैं जिनकी पहचान जल गुणवत्ता की जांच के उपरांत ही पता चलती है वर्षा काल में इसकी संभावना बढ़ जाती है। जल स्रोतों के आसपास की गंदगी जल स्रोतों को दूषित कर देती है अतः पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना चाहिए  नहीं तो यह कई जल जनित बीमारियों का कारण बनता है।

पीएचई विभाग की टीम से आए विकासखंड समन्वयक श्री बबन बेनल, श्री करण डामोर, श्री सागर सक्सेना, श्री हेमंत परमार, श्री मयूर सिंह ने मिलकर फील्ड टेस्ट कीट के माध्यम से पीएच मान, कुल कठोरता, फ्लोराइड, आदि तरह के टेस्ट लगा कर बताये एवं सरपंच, स्कूल टीचर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, साहिका को जल गुणवत्ता जाचनें का प्रशिक्षण भी दिया एवं टंकी परिसर व आंगनवाड़ी में मां के नाम एक पौधा कार्यक्रम अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती पिपली मईड़ा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती दुर्गा कुंवर, श्रीमती गीताबाई मालवीय, शिक्षक श्री गोपाल पलिया, अभिषेक राठौर, युवराज बेडवाल, आशा सोलंकी, अर्चिता राठौर ,अंजू वर्मा, रानू राठौर, जितेंद्र परमार आदि उपस्थित थे।

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