“कुपोषण मुक्त झाबुआ” हेतु कार्ययोजना की समीक्षा की गयी
समस्त कुपोषित बच्चों का मेडिकल चेकअप कर प्रोफाइल कार्ड बनाये जिसमें कुपोषण के मेडिकल एवं अनुवाशिंक कारणों के साथ सामाजिक कारणों का भी उल्लेख हो – कलेक्टर
(झाबुआ) जिले को कुपोषण मुक्त बनाये जाने हेतु कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग की समन्वित कार्ययोजना की समीक्षा की गयी। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि जिले में प्रसव पूर्व देखभाल (ANC) के तहत गर्भवती महिलाओं का हर चरण पर पंजीयन सुनिश्चित करें, संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाय।
कलेक्टर द्वारा नई पहल करते हुए समस्त कुपोषित बच्चों का मेडिकल चेकअप कर एक प्रोफाईल कार्ड बनाये जाने हेतु कहा जिसमें बच्चों के पोषण सम्बन्धी समस्त जानकारी, कुपोषण के मेडिकल एवं अनुवाशिंक कारणों के साथ सामाजिक कारणों को भी शामिल करने हेतु निर्देशित किया। इसी के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं में हेतु जागरूकता बढ़ाये जाने हेतु काउंसलिंग की व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने हेतु निर्देशित किया। इसी के साथ प्रति सप्ताह विद्यालयों में जाकर किशोरियों में एनिमिया से होने वाले नुकसानों के प्रति जागरूकता बढ़ा कर आयरन एवं फॉलिक एसिड के महत्व को बताया जाना आवश्यक है।
आंगनवाडी कार्यकर्ता के माध्यम से गर्भवती को दी जाने वाली खाद्य सामग्री के प्रति जागरूकता एवं प्रत्येक सप्ताह मनाये जाने वाले मंगल दिवस कार्यक्रमों को व्यवस्थित किये जाने हेतु निर्देशित किया। आंगनवाड़ी एवं जन आरोग्य केन्द्रों पर चित्रात्मक पोस्टर्स के माध्यम से जागरूकता फैलाये जाने हेतु निर्देशित किया। आयुष विभाग द्वारा प्रायोजित सुपुष्टि योग एवं अभ्यंग महामाप तैल के तहत की जाने वाली मालिश के सम्बन्ध में जानकारी देकर ट्रेनिंग कराये जाने हेतु निर्देशित किया।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एस. बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राधु सिंह बघेल, आयुष अधिकारी डॉ. प्रेमलता चौहान, समस्त बीएमओ, सीडीपीओ एवं अन्य डॉक्टर्स, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
