गरीब कल्याण रोजगार अभियान में संचालित हो रहे 15050 कार्य

प्रवासी मजदूरों को 125 दिवस का मिलेगा रोजगार

कटनी  प्रवासी मजदूरों को रोजगार के अवसर ग्राम में टिकाऊ अधोसंरचना एवं आजीविका के स्थाई साधन तैयार करने कटनी जिले में केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई गरीब कल्याण रोजगार अभियान में ग्रामीण विकास के 15 हजार 50 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। प्रवासी मजदूरों को 125 दिवस तक का रोजगार मिलने में कोई कठिनाई नहीं हो, इसके लिये 15 हजार 806 कार्य और प्रस्तावित कर स्वीकृत किये गये हैं।

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने जिले में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिये पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास, खनिज, वन, कृषि एवं उद्यानिकी, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नवकरणीय ऊर्जा तथा श्रम विभाग के जिला अधिकारियों की समिति गठित कर सीईओ जिला पंचायत को इसका नोडल अधिकारी बनाया है। देश के 116 जिलों में क्रियान्वित की जा रही योजना में 25 तरह के रोजगार मूलक कार्य किये जा सकेंगे। मध्यप्रदेश के कटनी सहित 24 जिलों में यह अभियान प्रारंभ किया गया है। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने पूरे देश में लागू किये गये लॉकडाउन अवधि में जिन जिलों में 25 हजार से अधिक की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव लौटे हैं। उनमें प्रवासी मजदूरों को स्थानीय रोजगार के साधन मुहैया कराने गरीब कल्याण रोजगार अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान की अवधि 125 दिन की होगी। अभियान के तहत किये जा सकने वाले 25 तरह के कार्यों में 13 तरह के कार्य मनरेगा से किये जायेंगे। इनमें जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य, कुआं निर्माण, वानिकी वृक्षारोपण, उद्यानिकी वृक्षारोपण, गौशाला, कैटल शैड, गोट शेड, पॉल्ट्री शेड, सुदूर सम्पर्क सड़क एप्रोच रोड, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, रेल्वे संबंधी कार्य एवं वर्मी कम्पोस्ट के कार्य मनरेगा के अभिरसरण एवं अन्य योजनाओं से किये जायेंगे। इसके अलावा सामुदायिक स्वच्छता कॉम्पलेक्स स्वच्छ भारत मिशन से और ग्रामीण आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास निर्माण, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से सड़क सम्पर्क का कार्य, जल जीवन मिशन के कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ऑप्टीकल फाईबर केबिल बिछाने का कार्य दूर संचार विभाग, जिला खनिज फण्ड से विविध कार्य सहित रेल्वे और नवीन ऊर्जा नवकरणीय विभाग तथा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आजीविका विकास के प्रशिक्षण कार्यों को शामिल किया गया है।

            मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे ने बताया कि वर्तमान में 15 हजार 50 कार्य चल रहे हैं। जिनमें 18 ग्राम पंचायत भवन, 6135 पंच परमेश्वर और वित्त आयोग के कार्य, 565 जल संरक्षण संवर्धन, 305 कुआं निर्माण, 402 वृक्षारोपण परियोजना, 172 आंगनबाड़ी केन्द्र, 6246 प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, 751 आजीविका प्रशिक्षण, 310 खेत तालाब, 63 पॉल्ट्री फॉर्म और 2 कार्य वर्मी कम्पोस्ट के शामिल हैं। जिले में इन्ही मदों में 15 हजार 806 कार्य प्रस्तावित है। जिनमें 231 हितग्राहियों को फलोद्यान और एसबीएम में ठोस एवं अपशिष्ठ पदार्थों के प्रबंधन के लिये 200 करोड़ की लागत की पंचवर्षीय योजना के कार्य शामिल हैं।

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