
जिला मुख्यालय से करीब पचास किलोमीटर के अंतर पर स्थित थरेट की रहने वाली पुष्पा को मिट्टी के चूल्हे और कंडों के धुएं से मुक्ति मिल गई है। पहले खाना बनाने के लिए पुष्पा केा जहां सबेरे-सबेरे उठना पड़ता था, वहीं अब मिनटों में ही घर का खाना बना लेती हैं।
यह सब संभव हुआ है, उज्जवला योजना में पुष्पा को सरकार की ओर से निःशुल्क मिले गैस चूल्हा और गैस सिलेण्डर से। उज्जवला येाजना से महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षा कवच मिला है। इस योजना से गरीब परिवारों की महिलाओं ने राहत की सांस ली है।
अब पुष्पा को लकड़ी इकट्ठा करने के लिए जंगल में नहीं जाना पड़ता और नाहीं कंडों की व्यवस्था करनी पड़ती। चूल्हे की तरह बर्तन गंदे नहीं होते। पुष्पा को चूल्हे के धुएं से हो रही खांसी और आंखों की जलन से भी मुक्ति मिल गई हैं। बरसात में खाना बनाने में जो अधिक परेशानी होती थी, उससे भी मुक्ति मिल गई है।
दतिया जिले की थरेट ग्राम पंचायत में कई गरीब परिवारों की महिलाओं को उज्जवला योजना में निःशुल्क गैस चूल्हा और सिलेण्डर मिला है। गैस चूल्हा और सिलेण्डर से खुश होते हुए पुष्पा बताती हैं कि पहले चूल्हे पर खाना बनाने में बहुत परेशानी होती थी। लकड़ी एवं कंडों के धुएं से आंखों में जलन होती थी। अब सारी परेशानियों से मुक्ति मिल गई है। थरेट पंचायत के सरपंच श्री संजीव कुमार गतवार कहते हैं कि लकड़ी एवं कंडों के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए पंचायत क्षेत्र में गरीब परिवारों की कई महिलाओं को निःशुल्क गैस चूल्हा और गैस सिलेण्डर दिलवाए गए हैं।