कलेक्टर 21वीं पशुधन गणना के लिए नियुक्त प्रगणक एवं सुपरवाईजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को कलेक्टर ने किया संबोधि

(कटनी)  कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के नजरिये से पशुधन क्षेत्र का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि एकत्र किया गया डाटा, भविष्य की पहलों को आकार देने और क्षेत्र में चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगें। पशुओं की संगणना कार्य में इसके लिए शासन द्वारा चिन्हित 21 लाईव स्टाक सेंसस ऐप में सभी पशुपालक परिवारों की रियल टाईम गणना दर्ज की जाय।   कलेक्टर श्री यादव ने यह बात बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभाकक्ष में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा आयोजित 21वीं पशु संगणना हेतु नियुक्त प्रगणकों एवं सुपरवाईजरों के मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि पशु संगणना के आंकड़े सतत विकास लक्ष्यों के राष्ट्रीय संकेतक ढ़ांचे में योगदान देंगे, इसलिए सभी प्रगणक सटीक और स्पष्ट डाटा संग्रह के लिए विकसित मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से संगणना कार्य करें।   इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री शिशिर गेमावत और उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ आर.के.सिंह, सिविल सर्जन पशु चिकित्सालय डॉ आर.के.सोनी भी मौजूद रहे। पशु संगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने कहा कि पशु प्रगणक की जानकारी की सुपरवाईजरों द्वारा रेंडमली क्रास चेंकिंग भी सुनिश्चित हो। ताकि जिले के पशुओं का सही एवं सटीक आंकडा संकलित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि पशुगणना देश, राज्य एवं जिले के पशुपालन संबंधी नीतियों और गतिविधियों का प्रमुख आधार है। इसलिए कोई भी घरेलू पालतू पशु और घुमंतु आवारा पशु और गौशाला आदि स्पीशीज संगणना के दौरान न छूटने पाए यह भी सुनिश्चित किया जाये। उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ सिंह ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले एवं पूरे देश मे 21वीं पशु संगणना का कार्य ऐप आधारित व्यवस्था के तहत किया जाना है। संगणकों द्वारा जिले के प्रत्येक गांव एवं शहरी क्षेत्रों के वार्डाे के संपूर्ण परिवारों एवं उनके पशुओं की गणना स्पीशीज वाइज एवं ब्रीड वाइज की जायेगी। इसके अलावा आवारा गौवंश, आवारा श्वानों, मीट और मटन शाप, स्लाटर हाउस, पोल्ट्री फार्म, डेयरीफार्म, गौशाला, कांजी हाउस के पशुओं की भी गणना की जायेगी। प्रशिक्षण मंे उपस्थित सिविल सर्जन जिला पशु चिकित्सालय डॉ आर.के.सोनी द्वारा प्रगणकों के साथ अपने पूर्व की संगणना कार्य के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि जिले मे स्थित सभी ब्रायलर फार्म, लेयर फार्म, और मुर्गा-मुर्गी विक्रेताओं की जानकारी सही ढंग से संकलित की जाये। पशु संगणना हेतु नियुक्त सभी 103 प्रगणक एवं 12 सुपरवाईजरों को नोड़ल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर डॉ मीना कुशवाहा द्वारा बिंदुवार पशु संगणना के तौर – तरीकों की बारीकियों की जानकारी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई। साथ ही डॉ कुशवाहा  द्वारा प्रशिक्षण में बताया गया कि पशु संगणना अक्टूबर के मासांत तक शुरू होना संभावित है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के सवालों के जवाब और पशु संगणना कार्य संबंधी शंकाओं विषयक भी समाधानकारक जानकारियां प्रदान की गई।

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