(सफलता की कहानी) स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं के जीवन में आया बदलाव
(मुरैना) नगर पालिका पोरसा के अंतर्गत नागाजी स्व-सहायता समूह की 12 महिलायें मिट्टी के बर्तन का निर्माण कर अपने जीवन को प्रगति के पथ पर पहुंचा रहीं है। विदित है कि पोरसा विकासखण्ड के नागाजी स्व-सहायता समूह की 12 महिलाओं ने 11 जुलाई, 2021 को स्व-सहायता समूह से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने 10 हजार रूपये की आवर्ती निधि प्राप्त की। महिलायें बताती है कि स्व-सहायता समूह में जुड़ने से पहले उनकी स्थिति बहुत दयनीय थी, वे अपने घर से बाहर नहीं निकलती थी। न ही उन्हें किसी योजना का ज्ञान था। घर की चार दीवार में रहती थी। घर में हर समय पैसे की तंगी रहती थी, इस कारण वे मन का कार्य पैसों के अभाव में नहीं कर पाती थी।देश, प्रदेश की महिलाओं के हित में क्या चल रहा है, इन सबसे बेखबर थी। महिलायें बताती है कि हमने नगर पालिका परिषद पोरसा में संपर्क किया। नगर पालिका के माध्यम से 12 महिलाओं का एन.यू.एल.एम. योजना में एक स्व-सहायता समूह का गठन किया तथा सेन्ट्रल बैंक पोरसा में अपना खाता खोला। समूह गठन के पश्चात सभी महिलाएं प्रत्येक माह की निश्चित तिथि को बैठक करती हैं। जिसमें वह अपने समूह के बारे में चर्चा करती थीं। बैंक द्वारा महिलाओं को 3 लाख रूपये का मिट्टी के बर्तन निर्माण करने के लिये ऋण प्रदाय किया गया। समूह के जुडने के बाद महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार आया है। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रहीं हैं तथा अपनी पति के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं और आज दिनांक को उनके खाते में 50 हजार रूपये का बैंक बैंलेस भी जमा है। सभी महिलाएं समूह में जुडकर खुशी महसूस करती हैं कि उन्हें नगर पालिका के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है। सभी महिलाएं प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हैं।
