प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम दो किसान उत्पादक संगठन बनाने का लक्ष्य

नाबार्ड की केन्द्र पोषित योजना संबंधी बैठक सम्पन्न

कटनी  भारत सरकार कृषि और किसान मंत्रालय के द्वारा हाल में ही प्रारंभ की गई किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन और संवर्धन योजना के तहत कटनी जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम दो किसान उत्पादक संगठन बनाने और संचालित करने प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस आशय की जानकारी कलेक्टर शशिभूषण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न केन्द्र पोषित योजना किसान उत्पादक संगठनों का गठन और सर्वधन योजना के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में दी गई। इस मौके पर जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड एम0 धनेश, एलडीएम उद्यम बानरा, उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, परियोजना संचालक आत्मा पी0डी0 कोष्ठा, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0के0 सिंह, सहायक पंजीयन डॉ0 अरुण मसराम, सहायक संचालक उद्यानिकी सूर्यभान सिंह, मण्डी सचिव पियूष शर्मा भी उपस्थित थे।

            कृषक उत्पादक संगठन निर्माण एवं संवर्धन योजना की जिलास्तरीय अनुप्रवर्तन समिति की प्रथम बैठक में जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड श्री धनेश ने योजना की पॉवर पॉईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत कृषक उत्पादक संगठनों को पर्याप्त बाजार और ऋण लिंकेज की सुविधा प्रदान करते हुये आर्थिक रुप से टिकाऊ संगठन बनाने पर्याप्त हैण्ड होल्डिंग और पेशेवर सहायता प्रदान की जायेगी। आगामी 5 वर्षों में देशभर के आकांक्षी जिलों में 10 हजार एफपीओ बनाये जायेंगे। विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिये वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोजेक्ट की अवधारणा को विकसित किया जायेगा।

            एफपीओ में कम से कम 300 सदस्य शामिल किये जायेंगे। ग्रामस्तर पर 15 से 20 सदस्यों के फॉर्मर इन्ट्रेस्ट ग्रुप बनाकर एैसे 20 ग्रुपों को जोड़कर एक एफपीओ का निर्माण होगा। हर विकासखण्ड में औसतन 2 कृषक उत्पादक संगठन बनाये जायेंगे। कम्युनिटी बेस्ड बिजनेस ऑर्गनाईजेशन के फॉर्मेशन और इन्क्युबेशन की लागत अधिकतम 25 लाख रुपये प्रति एफपीओ होगी। जो पांच वर्ष की अवधि की होगी। प्रत्येक कृषक उत्पादक संगठन को वित्तीय सहायता अधिकतम 18 लाख होगी, जो संगठन निर्माण से 3 वर्ष की अवधि के लिये होगी।

            वर्तमान समय में कटनी जिले में कुल 2 एफपीओ का संवर्धन किया जा रहा है। जिनमें नाबार्ड द्वारा ओम सांई लक्ष्य बीज उत्पादक सहकारी संस्था और एसएफएसी द्वारा रीठी एग्रीकल्चर प्रॉड्यूसर कम्पनी लिमिटेड शामिल हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने ओम साईं लक्ष्य एफपीओ द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। प्रतिनिधियों ने बताया कि ओम साईं टेक में 625 किसान सदस्य हैं। मुख्य रुप से गेहूं और धान का उच्च गुणवत्ता बीज तैयार करने और विपणन का कार्य किया जाता है। संस्था का वार्षिक टर्न ओव्हर लगभग 2 करोड़ तक पहुंच चुका है। जिला अनु प्रवर्तन समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों से एफपीओ के गठन और मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, शहद, सिंघाड़ा उत्पादन, दुग्ध रुट, मशरुम उत्पादन आदि की पोटेन्शियल गतिविधियों के विस्तार के संबंध में चर्चा की गई।

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