मनरेगा से होगा फल पौधरोपण
कटनी – मध्यप्रदेश शासन ने कोरोना संक्रमण के दौरान लघु एवं सीमांत किसानों के लिये कृषि व उद्यानिकी की फल पौधरोपण की नई योजना प्रारंभ की है। किसान अपने खेत में फलदार पौधे लगायेंगे। जिसमें 3 वर्ष तक का खर्च का भुगतान मनरेगा योजना अन्तर्गत किया जायेगा। जब फल निकलेंगे तो उसका पूरा फायदा किसान को ही होगा। निजी व प्रदाय पट्टों की भूमि में योजना के तहत पौधा रोपण किया जा सकता है। उद्यानिकी विभाग के अमले द्वारा कृषक चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत स्तर से भी अपना नाम दर्ज कराकर फलदार बीगचा लगाया जा सकता है।
परियोजना अधिकारी उद्यानिकी सूर्यभान सिंह ने बताया कि क्लस्टर क्षेत्र में फल की खेती करने से बिक्री में भी असानी होगी। फल बगीचा तैयार होने के बाद पौधों की छाया के बीच में हल्दी व अदरक की खेती भी की जा सकती है। उद्यान विभाग की योजना के अन्तर्गत जिला पंचायत व जनपद पंचायत एवं उद्यान विभाग के माध्यम से फलदार पौधो लगवाने का प्रावधान है। इस योजना में पात्र किसान, महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को वरीयता दी जायेगी। 3 मीटर, 4 मीटर, 6 मीटर की दूरी में पौधे लगाये जा सकते हैं। उद्यान विभाग जिला कटनी में मनरेगा के तहत पौध रोपण हेतु पर्याप्त मात्रा में पौधे जैसे- आम, अमरुद, नींबू, आंवला, कटहल आदि कई फलदार उन्नतशील नस्ल के पौधे उपलब्ध है।
रोपण हेतु उद्यान विभाग से ही पौधे उपलब्ध कराये जायेंगे। किसान अपने खेत में गड्डा खुदाई, रख-रखाव का कार्य स्वयं ही करेगा। जिसकी मानव दिवस के अनुसार उसे मजदूरी का भुगतान किया जायेगा। यदि आवेदक द्वारा गांव के दूसरे मनरेगा श्रमिकों से कार्य कराया गया है, तो परिश्रमिक का भुगतान श्रमिक के बैंक खाते में ही किया जायेगा। सामग्री के अन्तर्गत पौधे, उर्वरक, फेंसिंग, बाड़ी लगाने के लिये प्रावधान अनुसार राशि दी जायेगी। 3 वर्ष के लिये भुगतान की दरें निर्धारित हैं। फल बगीचा लगाने के लिये स्वयं की भूमि एवं सिंचाई की सुविधा होना जरुरी होगा।
