प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के लक्ष्य के विरूद्ध बैंकों को कम प्रकरण प्रेषित करने पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी

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दो ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के दिए निर्देश

कलेक्टर ने कहा- योजना के क्रियान्वयन में कोताही बर्दाश्त नहीं

(कटनी)  उद्यानिकी के क्षेत्र मे सूक्ष्म उद्यमों के क्षमतावर्धन, मौजूदा उद्यमियों की ऋण तक पहुंच बढ़ानें सहित इसके ब्राडिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण (पीएमएफ़एमई) योजना का सोमवार को कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव नें समीक्षा की। उन्होने निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध कम प्रकरण प्रेषित करने वाले विकासखंडों के प्रति गहन नाराजगी जाहिर करते हुए विकासखंड ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के निर्देश दिए।

            बैठक मे उद्यान विभाग के परियोजना अधिकारी एस.के.त्रिपाठी, महाप्रबंधक उद्योग एवं व्यापार केन्द्र श्री मर्सकोले, उपसंचालक कृषि मनीष मिश्रा, प्रबंधक लीड बैंक मैनेजर, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी राधेलाल नामदेव, तकनीकी सहायक गोरेलाल प्रजापति सहित विकास खंडों के अन्य अधिकारियों और बैंकर्स की मौजूदगी रही।

            बैठक मे कलेक्टर श्री यादव को बताया गया कि पीएमएफएमई योजनांतर्गत जिले को 95 हितग्राहियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है । लेकिन 95 प्रकरणों के विरूद्ध मात्र 17 प्रकरणों के लक्ष्य पूर्ति और बैंकों को प्रेषित करने की जानकारी दिये जाने पर कलेक्टर श्री यादव नें गहन नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत 11 दिसंबर से 26 जनवरी तक आयोजित होने वाले ग्राम पंचायतों व वार्डाे के शिविरों के दौरान योजना के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सार्थक प्रयास कर शत – प्रतिशत लक्ष्य हासिल किये जाएं। कलेक्टर श्री यादव ने लक्ष्य के विरूद्ध मात्र दो- दो प्रकरण स्वीकृति हेतु बैंकों को प्रेषित करने पर ढीमरखेड़ा के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी राममिलन प्रजापति और बहोरीबंद के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी ज्ञानेश्वर चौधरी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करनें के निर्देश दिए। इन दोनों अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण (पीएमएफ़एमई) योजना के तहत लक्ष्य प्राप्ति हेतु लचर प्रदर्शन के लिए इनके विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है। बैठक में बताया गया कि योजनांतर्गत व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए अधिकतम 10 लाख रूपये तक और समूहों एवं संस्थाओं के लिए अधिकतम 20 लाख रूपये तक के ऋण का प्रावधान है।

            कलेक्टर श्री यादव नें बैठक मे बैंकवार प्रदाय लक्ष्यों के विरुद्ध प्रेषित प्रकरणों के विरूद्ध डिस्बर्समेंट के संबंध मे बैंकर्स के कार्याे की समीक्षा करने एल.डी.एम मेजरास किंडो को निर्देशित किया। उन्होने विभिन्न बैंकों में योजना के तहत लंबित आवेदनों की जानकारी ली। इसके पूर्व पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्ष 2024-25 में योजना की प्रगति व उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

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