प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना जैसी आपदा में मुरैना को भरपूर सहयोग मिलेगा – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

( ग्वालियर )

समाज, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी साथ मिलकर संघर्ष करें, कोरोना की चैन अवश्य टूटेगी

      मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी के सहयोग से मुरैना कोरोना पर जीत हासिल करेगा। लेकिन कोरोना को हराने के लिये हमें सावधान रहकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह (डिस्ट्रिक क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप) की बैठक में कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज में कोई कमी न रहे। सैम्पलिंग में वृद्धि की जाये और समय से पहले कोरोना संक्रमित की पहचान हो सके, जिससे संक्रमण से किसी मरीज की मृत्यु नहीं हो। कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिये जिन संसाधनों की भी जरूरत होगी, प्रदेश सरकार उनकी कमी नहीं आने देगी। इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, राज्यमंत्री श्री गिर्राज डण्डोतिया, महापौर श्री अशोक अर्गल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता हर्षाना, पूर्व मंत्री श्री रूस्तम सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीएम शर्मा, आयुक्त जनसम्पर्क श्री सुदाम पी खाड़े, चंबल कमिश्नर श्री रवीन्द्र कुमार मिश्रा, आईजी श्री मनोज शर्मा, डीआईजी श्री राजेश हिंगडकर, कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास, पुलिस अधीक्षक श्री सुजानिया, पूर्व विधायक एवं मंत्री श्री मुंशी लाल, पूर्व विधायक अम्बाह श्री कमलेश जाटव, श्री रघुराज सिंह कंषाना, श्री सुवेदार सिंह रजौधा, श्री सत्यपाल सिंह सिकरवार, श्री शिवमंगल सिंह, सभापति श्री अनिल गोयल, जिला स्तरीय क्रायसिस मैनेजेमेन्ट समिति के पदाधिकारी तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कोरोना के खिलाफ लड़ाई जनता के सहयोग से ही जीती जा सकती है। जिला प्रशासन एवं पुलिस सभी को भरोसे में लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि मुरैना चंबल के निवासियों की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बहुत मजबूत है। यही वजह है कि यहाँ कोरोना मरीजों की मृत्यु दर अत्यंत कम है। उन्होंने कहा कि मुरैना में कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण रहा है। मगर पिछले एक हफ्ते में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। प्रदेश सरकार इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सजग है। इसी सिलसिले में आज मुरैना में समीक्षा बैठक रखी गई। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति में भी बदलाव करें, जिससे कोरोना का फैलाव न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए पुख्ता रणनीति के साथ काम करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि कोरोना की सैम्प्लिंग में ओर वृद्धि की जाए जिससे संक्रमित व्यक्ति की समय से पहचान की जाये जिससे कोई अप्रिय स्थिति ना बने जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित अस्पतालों व आइसोलेशन सेंटर में बिस्तर की व्यवस्था बढ़ाना सुनिश्चित करें। साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेण्डर को बढ़ाने की अगर आवश्यकता हो तो यह भी किया जाए जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य बीमारियों के इलाज के लिये भी अस्पताल निर्धारित रहें।
क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में मौजूद सदस्यों से मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर लॉकडाउन के संबंध में निर्णय लें। उन्होंने कहा बाजार पर्याप्त समय तक खोले जा सकते हैं पर इस बात का ध्यान रखा जाए कि ग्राहक एवं दुकानदार मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्यतः पालन हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर से सामुदायिक संक्रमण रोकने के लिये किए जा रहे उपाय, फीवर क्लीनिक की स्थिति, होम आइसोलेशन की सुविधा, कोरोना से निपटने के लिये तैयार की गई नई रणनीति एवं अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही कहा किल कोरोना अभियान को प्रभावी ढंग से अंजाम दें। बैठक में मुख्यमंत्री ने सदस्यों के सुझाव सुने और उन पर अमल करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
केन्द्रीय पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ाना कोई समाधान नहीं है। लॉकडाउन की एक सीमा होती है, इसके बाद निराकरण ही करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि हम सब मिलकर लोंगो को पूरी तरह से जागरूक करें, तभी हम कोरोना की चैन को तोड़ पायेंगे।
कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में संक्रमित व्यक्तियों के कॉन्टेक्ट में आए व्यक्ति एवं सामुदायिक संक्रमण का पता लगाने के लिये सेम्पलिंग का काम प्रमुखता से किया जा रहा है। अब तक लगभग 9 हजार 90 सेम्पल कराए गए हैं, जिनमें 945 कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिसमें ऐक्टिव संक्रमित 464 हैं तथा 476 ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं, 5 व्यक्तियों की संक्रमण से मृत्यु हुई ।संक्रमितों की कॉन्ट्रेक्ट हिस्ट्री मिली है। जिले में संचालित 9 फीवर क्लीनिक में इलाज के लिये आए मरीजों की सेम्पलिंग भी प्रमुखता से कराई गई है। कोरोना का कोई भी संक्रमित मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति अर्थात वेंटीलेटर पर नहीं है। मरीजों के ठीक होने की दर (रिकवरी) भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में केन्टोनमेंट क्षेत्र की निगरानी में वार्ड समितियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। कलेक्टर ने कोरोना से निपटने के लिये बनाई गई नई रणनीति बताई।
                          मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से लिया जिला चिकित्सालय का फीडबैक
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो चिकित्सक घबरायें नहीं। प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से आपकी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी। डॉक्टर से लेकर ऑक्सीजन पलंग एवं बैडों की संख्या बढ़ाई जाये तो पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास करें कि मरीजों को ग्वालियर रैफर न करना पड़े क्योंकि ग्वालियर में भी 4 हजार पलंगों की कैपिसिटी है, वहां भी ग्वालियर से लगे अन्य जिलों के मरीजों की संख्या में बढ़ौत्तरी हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में फिलहाल 47 डॉक्टर्स है। जिसमें कोरोना से संबंधित मरीजों को देखने के लिये 11 डॉक्टर्स अपनी सेवायें दे रहे है।
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