विधानसभा में पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ रहे विधायक डॉ अभिलाष पांडेय

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(भोपाल) 138. ( क्र. 1003 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि :
(क) प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की दिशा में क्या प्रगति हुई?
(ख) जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत जो समितियाँ पत्रकारों से जुड़े मुद्दों के लिए बनाई जाती रहीं उनका गठन लम्बे समय से नहीं हुआ। इनका गठन कब तक हो जाएगा?
(ग) अनेक बुजुर्ग पत्रकार और प्रेस छायाकार किसी संस्थान से सम्बन्धित न होने के कारण अधिमान्यता से वंचित हैं। उन्हें अधिमान्यता देकर सम्मान निधि देने के लिए क्या नीति है?

मुख्यमंत्री ( डॉ. मोहन यादव ) :
(क) मध्‍यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने के संबंध में देश में प्रचलित प्रावधानों का अध्‍ययन हेतु सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ-19-45/2023/1/4 दिनांक 20/09/2023 द्वारा समिति का गठन किया गया है। (ख) (1) विभागीय आदेश क्रमांक PRE/6/0048/2024-sec-1-24 (PRE) दिनांक 12/08/2024 द्वारा वरिष्‍ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों के लिये सम्‍मान निधि निर्णायक मण्‍डल का गठन किया जा चुका है। (2) मीडिया प्रतिनिधियों को अधिमान्‍यता प्रदान करने के लिये 01 राज्‍य एवं 10 संभागीय स्‍तरीय समितियों के गठन की प्रक्रियाधीन है। (3) पत्रकारों को चिकित्‍सकीय उपचार हेतु ”म.प्र. संचार प्रतिनिधि कल्‍याण समिति” के गठन की प्रक्रियाधीन है।
(ग) नियमानुसार अधिमान्‍यता किसी संचार संस्‍थान कार्य करने वाले पत्रकार/प्रेस छायाकार को दी जाती है। पूर्व से अधिमान्‍य पत्रकार को किसी संस्‍थान में कार्य न करने पर भी नियमानुसार स्‍वतंत्र पत्रकार के रूप में अधिमान्‍यता देने का प्रावधान है। सम्‍मान निधि के लिये नियमानुसार आवेदक की दस वर्ष अधिमान्‍यता होना आवश्‍यक है।

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