स्टार्ट अप पर हुआ निवेश प्रोत्साहन केंद्र का कॉफी विद एक्सपर्ट कार्यक्रम संपन्न.
युवाओं को दी गई स्टार्टअप पॉलिसी की जानकारी
जबलपुर स्मार्ट सिटी के मानस भवन स्थित सभागार में संपन्न हुये इस कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत रजक ने स्टार्टअप के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं वित्तीय सहायता के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी-2022 लागू की है, जिसमें आरबीआई या सेबी में रजिस्टर्ड संस्था से प्राप्त ऋण या निवेश पर कुल पूंजी निवेश का 15 प्रतिशत और अधिकतम 15 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है। स्टार्टअप को ऐसी वित्तीय सहायता चार बार दी जायेगी। महिला स्टार्टअप के लिये वित्तीय सहायता की यह सीमा 18 प्रतिशत या अधिकतम 18 लाख रुपये है। इसके लिए भोपाल मे स्टार्ट अप सेंटर भी स्थापित किया गया है। स्टार्टअप को निविदा में भाग लेने पर अरनेस्ट मनी जमा करने की छूट दी गई है। स्टार्टअप सीड फंड के अतिरिक्त मुद्रा योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के मध्यम से भी वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने बताया कि शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि एंजल इन्वेस्टर एवं वेंचर इन्वेस्टर से फंड प्राप्त करने के उद्देश्य से शीघ्र ही निवेशकों से चर्चा की जाकर स्टार्टअप और निवेशकों का एक समागम कार्यक्रम आयोजित किया जाये।
कॉफी विथ एक्सपर्ट्स के इस कार्यक्रम में बताया गया कि जबलपुर में वर्तमान में 476 स्टार्टअप कार्यरत हैं और इनमें महिला स्टार्टअप की संख्या 251 हैं। छह इन्क्यूबेशन सेंटर भी जबलपुर में है। कार्यक्रम में आईटी पार्क की बहु मंजिला ईमारत में स्थान देने पर चर्चा हुई। मध्यप्रदेश फेडरेशन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने स्टार्टअप को बेहतर आईडिया पर कार्य करने को कहा। मध्यभारत एंजेल्स की सुश्री प्रीति चौधरी ने मंच संचालन करते हुये स्टार्टअप पॉलिसी पर प्रेजेन्टेशन दिया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के डायरेक्टर एसीआइसी प्रो सरदुल सिंह संधू ने स्टार्टअप को प्रभावी तरीके से कार्य करने कहा ताकि निवेशक स्वतः ही निवेश के लिए उत्साहित हों। आईआईआई टीडीएम के डायरेक्टर इन्क्यूबेशन सेंटर प्रो पुनीत टण्डन ने बताया कि उनके संस्थान में अंतिम सेमेस्टर में अनिवार्य रूप से स्टार्टअप विषय पर इंटर्नशिप का प्रावधान है। इसके साथ ही ग्रुप डायरेक्टर तक्षशिला महाविद्यालय के प्रो. इंद्र कुमार खन्ना, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर डॉ दीपक पाल ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में जबलपुर इंक्यूबेशन सेंटर के कैलाश भाटी, गजेंद्र वैश्य, श्वेता नामदेव भी उपस्थित थे।
