विभिन्न विभागों के अभिसरण से होगी पोषण की गतिविधियां
महिला एवं बाल विकास की त्रैमासिक कार्य योजना
कटनी – महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग और अभिसरण से जिले में कुपोषण को दूर करने त्रैमासिक कार्ययोजना बनाई है। कलेक्टर शशिभूषण सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न जिलास्तरीय अभिसरण की बैठक में राष्ट्रीय पोषण मिशन की इस त्रैमासिक योजना का अनुमोदन किया गया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेति, कार्यपालन यंत्री पीएचई ई0एस0 बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी बी0बी0 दुबे, सहायक श्रम पदाधिकारी एम0के0 गौतम, परियोजना अधिकारी उद्यानिकी सूर्यभान सिंह, जिला संयोजक आदिम जाति सरिता नायक, सहित पुनीत शर्मा व महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।
पोषण अभियान की बैठक में आगामी त्रैमास की कार्ययोजना की जानकारी में जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीकाकरण का बैकलॉग और विटामिन-ए अनुपूरण दस्त अभियान के तहत कराया जायेगा। एमसीपी कार्ड और जिंक, ओआरएस, आयरन सिरप की पूर्ति डिपो होल्उर को कराई जायेगी। शिक्षा विभाग के माध्यम से 1712 आंगनबाड़ी में दर्ज 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को प्राथमिक शाला में दर्ज कराया जायेगा। किशोरी बालिकाओं को आयरन की नीली गोली सप्ताह में एक दिन और तीन माह में 1 बार हीेमोग्लोबिन की जांच कराई जायेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से हैण्डपम्प का हर 15 दिन में क्लोरीनेशन और बंद नलजल योजना प्रारंभ कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता की जायेगी। जिले में लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार देकर स्वीकृत 189 मनरेगा के आंगनबाड़ी भवनों को 30 सितम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य है। शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में एक माह के भीतर ग्राम पंचायत द्वारा शौचालय पूर्ण किये जायेंगे। आदिम जाति कल्याण के माध्यम से आदिवासी छात्रावासों में 11 से 18 वर्ष के बच्चों को साप्ताहिक आयरन टेबलेट और दर्ज बच्चों का त्रैमासिक हीमोग्लोबिन परीक्षण कराया जायेगा। खाद्य विभाग के सहयोग से कुपोषित बच्चों के परिवारों को डबल फोर्टीफाईड नमक का वितरण कराया जायेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रवासी मजदूरों को विभागीय योजनाओं के तहत चिन्हांकन कर हितग्राही का चयन किया जायेगा। पोषण आहार के पात्र हितग्राहियों को घर-घर रेडी टू ईट का वितरण किया जा रहा है। कोरोना महामारी से बचाव के लिये मास्क वितरण, जनजागरुकता और आयुष विभाग की रोग प्रतिरोधी दवा का वितरण भी कार्यकर्ताओं के माध्यम से किया जा रहा है। साथ ही शत्-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और टीकाकरण कराने के प्रभावी प्रयास किये जायेंगे।
आंगनबाड़ी, हितग्राही के घर पोषण वाटिका
मॉनसून सीजन में जिले की बाउन्ड्री वॉल युक्त सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में वृक्षारोपण कर पोषण वाटिका विकसित करने की योजना है। साथ ही कुपोषित बच्चों के घरों में भी कम से कम 5 फलदार पौधे, नींबू, आंवला, करौंदा, मुनगा हाईब्रिड उद्यानिकी विभाग की रोपणी से लेकर लगाये जायेंगे। इसी प्रकार जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र और प्राथमिक शाला में शुद्ध पेयजल के लिये घर-घर नल कनेक्शन दिये जायेंगे।
अतिकम वजन के बच्चों को थर्ड मील व्यवस्था रेग्युलर होगी
कटनी जिले की सभी 1712 आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज अति कम वजन के बच्चों के पोषण में सुधार लाने प्रायोगिक रुप से प्रारंभ की गई थर्ड मील वितरण की व्यवस्था को रेग्युलर किया जायेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि कलेक्टर शशिभूषण सिंह के निर्देशन में जिले की चिन्हित आंगनबाड़ी केन्द्रों में नवाचार के रुप में थर्ड मील की व्यवस्था शुरु की गई थी। जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम आने से सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेग्युलर किये जाने का निर्णय लिया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्र के अतिकम वजन के बच्चों को मिलने वाले 2 मील के अलावा विशेष रुप से थर्ड मील में दूध पाउडर, सोयाबीन बड़ी, सोया बिस्कुट और पौष्टिक पाउडर का वितरण किया जाता रहा है। थर्ड मील के सेवन से अतिकम वजन के बच्चों के पोषण में शीघ्र और सकारात्मक सुधार होने से इसे रेग्युलर किया जायेगा।
ब्लॉकस्तर पर भी उपलब्ध होगा संरक्षण कक्ष
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पीडि़त महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण की दिशा में ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे के लिये अस्थाई सुरक्षित कक्ष आवास पोस्ट मेट्रिक कन्या छात्रावास में उपलब्ध कराया जायेगा। अति आवश्यक होने पर संबंधित विकासखण्ड की पीडि़त किशोरी अथवा महिला 24 घंटे के लिये संरक्षण आवास में सुरक्षित रुप से रह सकेगी।

