प्रधानमंत्री श्री मोदी शुक्रवार को ईसागढ़ के आनंदपुर धाम आयेंगे
गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे
(कटनी) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप शुक्रवार को मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में ईसागढ़ तहसील के आनंदपुर धाम आएंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी गुरु जी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे और आनंदपुर धाम स्थित मंदिर परिसर का भ्रमण भी करेंगे।
आध्यात्मिक और पारमार्थिक उद्देश्य से स्थापित आनंदपुर धाम 315 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां आधुनिक गौशाला संचालित है, जिसमें 500 से अधिक गौवंश है। आनंदपुर ट्रस्ट यहाँ कृषि कार्य भी कर रहा है।
श्री आनन्दपुर ट्रस्ट ग्राम सुखपुर तहसील ईसागढ़ में 1977 से चैरिटेबल अस्पताल संचालित है। यहां मरीजों के लिए 125 बिस्तरों की व्यवस्था है। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 600 मरीजों की ओ.पी.डी. संचालित है। यहां एमडी फिजिशियन, डेंटल स्पेशलिस्ट, एमएस जनरल सर्जरी, एम.एस. आर्थोपेडिक, कॉर्डियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट तथा नेत्रसर्जन पदस्थ है। वर्ष में विशेष स्वास्थ्य शिविर भी यहां आयोजित किये जाते हैं। ट्रस्ट द्वारा आनंद प्राथमिक विद्यालय सुखपुर, आनंद माध्यमिक विद्यालय आनंदपुर तथा आनंद मिडिल स्कूल ग्राम सुखपुर में संचालित हैं, जिसमें 62 शिक्षक-शिक्षिकाएं पदस्थ हैं एवं 1215 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं।
श्री आनंदपुर ट्रस्ट के अन्य महत्वपूर्ण सत्संग केन्द्र श्री प्रयागधाम जिला पुणे (महाराष्ट्र), श्री आनंदपुर सत्संग ट्रस्ट जम्मू, अमरधाम चैम्बूर मुम्बई (महाराष्ट्र), विवेक धाम बैंगलुरू (कर्नाटक), स्वरूप धाम पथरीताल गोंडा (उ.प्र.), आनंदधाम पंचगुणी जिला सतारा (महाराष्ट्र), आनंदधाम वसंतकुंज (दिल्ली) तथा श्री संतनगर जिला धौलपुर (राजस्थान) में संचालित है। मध्यप्रदेश में पुनीत धाम जिला शिवपुरी, परमधाम जिला ग्वालियर और सुखधाम जिला इंदौर में ट्रस्ट के सत्संग केन्द्र स्थापित हैं। श्री आनंदपुर ट्रस्ट एवं इसके अन्य आश्रमों में वैशाखी, गुरु पूर्णिमा, दीपावली, मकर संकाति और श्री परमहंस जी का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है।
राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का किया भूमि-पूजन
(कटनी) राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ।
राज्यपाल श्री पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री श्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. श्री एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने 5800 करोड़ रूपए लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
मध्यप्रदेश में दिखती हैं विकास की ललक : केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी
अगले तीन साल में म.प्र. का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अमेरिका से भी अच्छा बनायेंगे
म.प्र. के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, जिससे सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और विकास का लाभ मिले
एक साल में देश में तीन लाख करोड़ रूपए की लागत से पूरा करेंगे रोड नेटवर्क का कार्य
प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अटल जी का देश के कायाकल्प का स्वप्न हो रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अमृतकाल में विश्व का सबसे अच्छा देश बनेगा भारत
रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर हम लोगों की जिन्दगी बदलने की दिशा में बढ़ रहे हैं
मालवा अंचल को लाभान्वित करने वाली परियोजनाओं एवं अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों से सिंहस्थ के सफल आयोजन में मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के लिए मांगी सड़कें, केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मंच से ही मंजूर कर निर्माण पूरा होने की समय-सीमा भी तय की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का जताया आभार
(कटनी) केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 5800 करोड़ रूपए की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं संबद्ध अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। यहां तेजी से विकास हो रहा है। सबको सुखी, समृद्ध और सशक्त बनाने का विजन लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़ी तेजी से प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्ग सिर्फ एक मार्ग नहीं, यह जन-जन का जीवन बदलने वाले प्रगति पथ होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों में हम देश की अधोसंरचना में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी भी होगी। म.प्र. में विकास की ललक दिखाई देती है, इसलिए हम इसे देश के विकास का सबसे बड़ा अंशभागी राज्य बनायेंगे।
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में हम मध्यप्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अमेरिका से अच्छा और सुंदर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम देश में तीन लाख करोड़ रूपए से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्य पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश के विकास के लिए 4 प्रमुख संसाधनों जल, ऊर्जा, परिवहन और अधोसंरचनात्मक विकास की जरूरत होती है और उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश इन चारों संसाधनों के विकास पर तेजी से बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर की 6 नई परियोजनाएं मंजूर
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर मंच से ही केन्द्रीय सड़क निधि से 12 हजार करोड़ रूपए लागत से 400 कि.मी. लंबाई 6 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रूपए की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित किए जाने वाले 5 नए ग्रीनफील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर निर्माण कार्य, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरीडोर, सेतु एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी देते हुए इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा भी घोषित की।
राजमार्ग होते हैं हैप्पीनेस लाने वाले हाइवे
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र का विकास होगा। युवाओं को रोजगारमिलेगा, गरीबी दूर होगी। किसानों की फसल को अच्छा दाम मिलेगा। रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग हैप्पीनेस लाने वाले हाई-वे होते हैं। हम मध्यप्रदेश के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, ताकि यहां सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य उपचार और विकास का लाभ मिले।
सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में मिलेगी भरपूर मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में अमृतकाल चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश का कायाकल्प करने का जो स्वप्न देखा था, प्रधानमंत्री श्री मोदी अटल जी के उसी स्वप्न को साकार करने की दिशा में अनथक गति से अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि इसी अमृतकाल में हमारा देश, विश्व का सबसे अच्छा देश बनकर उभरेगा। सड़कें विकास का सहज पैमाना होती है। इसलिए गांव-गांव तक रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर हम मध्यप्रदेश की जनता की जिन्दगी में बदलाव लाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर गांव के साथ-साथ शहरों को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल जल्द ही मेट्रोपॉलिटिन सिटी बनेंगे। ग्रामीण हो या शहरी सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा मुक्त हृदय से मध्यप्रदेश को 5800 करोड़ रूपए लागत की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि श्री गडकरी देश के राजमार्ग विकास पुरूष हैं। उनके नेतृत्व में देश में तेजी से अधोसंरचनात्मक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मालवा अंचल को सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाली इन सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सरकार को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में भरपूर मदद मिलेगी।
ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर, सोमनाथ और ओंकारेश्वर को जोड़ेंगे एक सूत्र में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अपनी विरासतों को समृद्ध कर लोगों को जोड़ रहे हैं। केन्द्र सरकार की मदद से हम श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग को केन्द्र में रखकर इसे गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योर्तिलिंग और ओंकारेश्वर से एक सूत्र में जोड़ेंगे। इसके लिए हमने केन्द्र सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी, जिससे विकासरूपी अमृत का सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश को मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क और बढ़ाने की मांग करते हुए अपना विस्तृत मांग पत्र उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने जो भी मांगा, केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने हमें समय-समय पर वो सब दिया, पर हम यही नहीं रूकेंगे। प्रदेश के हित में हम नई राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए सतत् मांग करेंगे। सिंहस्थ : 2028 के बेहतर आयोजन और श्रद्धालुओं के सहज और सुगम आवागमन के लिए मध्यप्रदेश में एक स्ट्रांग रोड नेटवर्क की स्थापना के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहेंगे।
इन सड़क परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क, उज्जैन-गरोठ के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण किया। इसी प्रकार संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का भूमि-पूजन किया।
भव्य आयोजन के लिये हार्दिक आभार : केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती ठाकुर
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने जनजातीय आबादी वाले धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में इस भव्य आयोजन के लिए केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि धार से तीन ज्योतिर्लिंग जुड़ते हैं। पर्यटन स्थल मांडू और बदनावर में खुले पीएम मित्र पार्क से इस क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी और रोजगार बढ़ेंगे।
नए राष्ट्रीय राजमार्गों से किसान हो रहे समृद्ध : मंत्री श्री विजयवर्गीय
नगरीय विकास एवं आवास तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी के विजन से देश का अधोसंरचनात्मक परिदृश्य बदल रहा है। देश और प्रदेश में धार्मिक स्थलों की सूरत बदल रही है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के आयोजन के लिए हम केन्द्र सरकार के सतत सम्पर्क में है। केन्द्र सरकार ने नए-नए राष्ट्रीय राजमार्ग बनाकर किसानों को समृद्ध बना दिया है। उन्होंने चित्रकूट धाम के विकास के लिए सतना से चित्रकूट तक 4 लेन सड़क की मांग की, जिसे केन्द्रीय मंत्री ने मंच से मंजूरी दे दी।
मध्यप्रदेश सरकार सड़क निर्माण में गुणवत्ता का रख रही है पूरा ध्यान : मंत्री श्री सिंह
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने देश में सड़कों का जाल बिछाया है। उन्होंने श्री गडकरी को विकास पुरुष की संज्ञा देते हुए बताया कि जीआईएस-2025 में एनएचएआई ने मध्यप्रदेश सरकार के साथ 1 लाख करोड़ रुपए के विकास कार्यों का एमओयू किया है। अगले तीन वर्षों में यह परियोजनाएं जमीन पर नजर आने लगेंगी। मध्यप्रदेश में रोड निर्माण के लिए अब पेड़ों की कटाई नहीं होगी, जरूरत पड़ने पर उन्हें शिफ्ट किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार सड़क निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में तकनीक का उपयोग कर रेंडम आधार पर विकास कार्यों का औचक निरीक्षण और सैंपलिंग भी की जा रही है। भविष्य में मध्यप्रदेश विकास कार्यों के लिए अपनी नई पहचान बनाएगा।
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अतिथियों ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, सांसद श्री शंकर लालवानी, सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल, राज्यसभा सदस्य श्री बंशीलाल गुर्जर, विधायक श्री कालू सिंह चौहान, विधायक श्रीमती नीना वर्मा, विधायक श्री जितेंद्र पंड्या सहित अन्य विधायकगण व स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महावीर जयंती पर दीं शुभकामनाएं
(कटनी) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने भगवान महावीर के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका जीवन और उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे महान सिद्धांतों का प्रतीक है। उन्होंने न केवल इन सिद्धांतों का पालन किया, बल्कि समाज को भी इन्हें अपनाने की राह दिखाई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के जारी संदेश में कहा कि संसार को ‘जियो और जीने दो’ का सन्मार्ग दिखाने वाले भगवान महावीर के उपदेश सभ्य समाज के निर्माण के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तब थे। उनका जीवन दर्शन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक दृष्टिकोण से भी मानव जीवन को दिशा देने वाला है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाएं। अहिंसा व सत्य के मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करें और हम सब हर्षोल्लास से महावीर जयंती मनाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माण्डू का पुरातात्विक वैभव देखा
धरमपुरी में माँ नर्मदा के दर्शन कर भगवान शिव का अभिषेक और महर्षि दधिच की प्रतिमा का किया पूजन
कटनी (10 अप्रैल) – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को माण्डू में रात्रि विश्राम के बाद गुरूवार सुबह माण्डू के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक वैभव को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जहाज महल और हिंडोला महल का भ्रमण किया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विगत रात्रि माण्डू में लाइट एंड साउंड शो के ज़रिए यहां के इतिहास को देखा। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक धरमपुरी श्री कालूसिंह ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने देखा खुरासानी इमली का प्राचीन वृक्ष
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माण्डू में खुरासानी कोठी परिसर में लगे खुरासानी इमली के प्राचीन वृक्ष को देखा। कलेक्टर धार श्री प्रियंक मिश्र ने बताया कि माण्डू में खुरासानी के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन हैं। खुरासानी कोठी परिसर के इस वृक्ष का तना 10.85 मीटर व्यास का है। खुरासानी इमली घना छायादार पेड़ होता है। यह पेड़ अपने भीतर सवा लाख लीटर पानी जमा करके रख सकता है। उल्लेखनीय है कि 14वीं शताब्दी में ये पेड़ लगाए गए थे। कई पेड़ यहां पांच-छ: सौ साल पुराने हैं। पर्यटक माण्डू आने की स्मृति के तौर पर माण्डू की इमली खरीदकर ले जाते हैं। कई आदिवासी परिवारों को इसे बेचने से आय हो रही है। मूलतः यह वृक्ष अफ्रीका, अरब और मेडागास्कर पर पाया जाता है। ये पेड़ अति विशाल हैं, इसकी उम्र हज़ारों साल होती हैं। मराठीभाषी क्षेत्रों में इसे गोरखचिंच (चिंच याने इमली) कहकर सन्त गोरखनाथ से इसका पवित्र सम्बन्ध जोड़ा जाता है।
धरमपुरी में किया माँ नर्मदा का पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ धरमपुरी में नर्मदा दर्शन कर पूजन किया। धरमपुरी नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ नगर है। यहाँ नर्मदा नदी की दो धाराओं के बीच बेंट नामक एक टापू स्थित है, जहां श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर के निकट महर्षि दधिच की प्रतिमा का पूजन किया। पौराणिक मान्यता अनुसार यहां दधिच ऋषि की समाधि एवं तपस्या स्थली भी है। इसी स्थान पर इन्द्र स्वयं आये थे और दधिचि ऋषि से उन्होंने राक्षस के वध के लिये अस्थियां माँगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर बैंट के हर तरह के संरक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये।
जल केवल जीवन नहीं, संस्कार भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन दिवस पर दी शुभकामनाएं
(कटनी) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः” अर्थात् जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल केवल जीवन जीने का संसाधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह एक संस्कार की तरह है। हर बूंद में जीवन है, और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम इस अमूल्य धरोहर की हर संभव तरीके से रक्षा करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल संसाधन दिवस पर यह संकल्प लें कि सभी जल का संरक्षण करेंगे और इसे व्यर्थ नहीं बहने देंगे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को जल बचाने के लिए जागरूक रहने और समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन की जन जागरुकता प्रसार एवं जन सहभागिता के लिए जल गंगा जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में एम.पी. ट्रांसको के नेटवर्क का उल्लेखनीय विस्तार
(कटनी) ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) को सुदृढता प्रदान करते हुये सिस्टम में उल्लेखनीय विस्तार किया है। कंपनी ने 456 सर्किट कि.मी. की नई एकस्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का निर्माण कर उन्हें ऊर्जीकृत किया है, इससे मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की ट्रांसमिशन लाइनें बढ़कर 42 हजार 520 सर्किट कि.मी. की हो गई है। इस दरम्यान स्थापित ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी (स्थापित क्षमता) में भी पर्याप्त वृद्धि हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024 की समाप्ति में जहां 79 हजार 815 एम.व्ही.ए. की कुल ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी (स्थापित क्षमता) थी वह अब मार्च 2025 की स्थिति में बढ़कर 81 हजार 911 एम.व्ही.ए. की हो गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त क्षमता वृद्धि के लिए एम.पी. ट्रांसको में कुल 46 नये पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गए हैं।
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस समय एम.पी. ट्रांसकों अपने 417 एकस्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, जिसमें 400 के.व्ही. के 14 सब स्टेशन, 220 के.व्ही. के 88 एवं 132 के.व्ही. के 315 सब स्टेशन क्रियाशील है।
निमाड़ क्षेत्र का पहला 500 एम.व्ही.ए. क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत
सिंगाजी थर्मल पॉवर से क्षेत्र को मिलेगी सीधे विद्युत सप्लाई
(कटनी) मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 400 केवी सबस्टेशन जुलवानिया में निमाड़ क्षेत्र का पहला और प्रदेश का तीसरा 500 एम.व्ही.ए. क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। इसके पहले मध्यप्रदेश में सिर्फ भोपाल में 500 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो ट्रांसफार्मर स्थापित हुए हैं।
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि खंडवा स्थित सिंगाजी सुपर थर्मल पॉवर प्लांट से निमाड़ क्षेत्र को सीधे विद्युत आपूर्ति के लिए 400 केवी सबस्टेशन जुलवानिया में इस ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 30 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से इस ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है।
इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से न केवल निमाड़ क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को अगले रबी सीजन में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी बल्कि इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से क्षेत्र के लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम के लिए भी पर्याप्त मात्रा में विद्युत की उपलब्धता रहेगी। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस सफलता के लिए एमपी ट्रांसकों को बधाई दी है।
निमाड़ क्षेत्र की पारेषण क्षमता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
एम पी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर की ऊर्जीकृत होने से निमाड़ क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निमाड़ क्षेत्र में एमपी ट्रांसको अपने 59 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के द्वारा विद्युत आपूर्ति करती है।
इसमें से 400 के.व्ही. के 4 सबस्टेशन, 220 के.व्ही. के 13 एवं 132 के.व्ही. के 42 सब स्टेशन शामिल है। निमाड़ क्षेत्र की कुल स्थापित क्षमता अब 14 हजार 304 एम.व्ही.ए. की हो गई है।
एम.पी. ट्रांसको की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी हुई 81911 एम.व्ही.ए.
मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 417 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस क्षमता .वृद्धि से मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर 81 हजार 911 एम.व्ही.ए. की हो गई है। प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के कुल 1027 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील है।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 15.33 लाख किसानों ने कराया पंजीयन : खाद्य मंत्री श्री राजपूत
अब तक 26.73 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन, रुपए 5,027 करोड़ का हुआ भुगतान
(कटनी) प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु पंजीयन की प्रक्रिया 20 जनवरी से 9 अप्रैल 2025 तक संचालित की गई। इस अवधि में प्रदेश के 15 लाख 33 हजार किसानों ने अपना पंजीयन कराया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि उपार्जन की अवधि 15 मार्च से 5 मई 2025 तक निर्धारित है। किसानों को गेहूं के लिए 2,425 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 175 प्रति क्विंटल बोनस, कुल 2,600 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में 3,528 उपार्जन केंद्रों की स्थापना की गई है। अब तक कुल 3.09 लाख किसानों से 26.73 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। इसमें से 24.44 लाख मीट्रिक टन का परिवहन तथा 21.86 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है।
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि अब तक किसानों को 5,027 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान 3 से 5 कार्य दिवसों में पूर्ण कर लिया जाएगा।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उपार्जन प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए सभी आव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. देसाई की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
(कटनी) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्री मोरारजी भाई देसाई की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. देसाई का जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा और अनुशासन का प्रतीक रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि देश की आज़ादी के आंदोलन से लेकरप्रधानमंत्री पद तक की उनकी यात्रा राष्ट्र सेवा की अनुकरणीय रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. देसाई के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
