लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह की अगुवाई में संग्राम सागर तालाब में हुआ स्वच्छता श्रमदान,
गंगा दशहरा के इस अवसर पर सैकड़ों नागरिकों ने किया स्वच्छता श्रमदान इंदौर की ‘56 दुकान’ की तर्ज पर विकसित होगा नया फूड जोन
(जबलपुर) राज्य शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आज गंगा दशहरा के पावन अवसर पर संस्कारधानी के ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र संग्राम सागर तालाब में एक भव्य स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह की अगुवाई में आयोजित इस अभियान में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ श्रमदान किया। इस वृहद जन-भागीदारी ने जल संचय और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को एक नई दिशा दी।
अभियान के दौरान पूरे तालाब परिसर की साफ-सफाई कर न केवल इसे सुंदर रूप दिया गया, बल्कि समाज को जल स्रोतों के संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने नागरिकों के इस अभूतपूर्व उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज जबलपुर के सजग नागरिकों ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज किसी कार्य का संकल्प ले ले, तो कुछ भी असंभव नहीं है।
अपनी प्रकृति और गौरवशाली विरासत के संरक्षण के लिए किया गया यह श्रमदान परम आत्मसंतुष्टि देने वाला कार्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विरासत भी और विकास भी” के मूल मंत्र का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री सिंह ने कहा कि संग्राम सागर क्षेत्र को आधुनिक विकास से जोड़कर एक बेहद खूबसूरत पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभारा जाएगा।
संग्राम सागर के भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने बताया कि तालाब के सामने वाले क्षेत्र के कायाकल्प की पूरी योजना तैयार की जा चुकी है, जिस पर जिला प्रशासन और नगर निगम ने काम भी शुरू कर दिया है। उन्होंने एक बड़ी सौगात देते हुए कहा कि जिस प्रकार इंदौर का ‘56 दुकान’ क्षेत्र पूरे देश में अपनी साख और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, ठीक उसी तर्ज पर यहाँ भी एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक फूड जोन विकसित किया जाएगा।
इस नए परिसर को एक अनूठी पहचान देने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि इसका नाम वीरांगना रानी दुर्गावती की पावन स्मृति से जुड़ा होना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने “रानी की गली” या “रानी की रसोई” जैसे नाम सुझाए। इसके साथ ही उन्होंने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों से भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए और अधिक सुंदर व सार्थक नाम सुझाने का आत्मीय आग्रह किया है। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज, श्री पंकज दुबे सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
