मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी ने जल संकट के निदान हेतु प्रदान किया 40 टैंकर

(मैहर) ग्रीष्म ऋतु में जल संकट के निदान हेतु मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी ने ग्रामीण एवं शहर में जल की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए 40 टैंकर प्रदान किए एवं 6 फायर फाइटर टैंकर दिए। वास्तव में सभी टैंकर मजबूत टैंकर है।इसके पूर्व में भी टैंकर प्रदान किए गए है इसके साथ और भी टैंकर प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मैहर की धरा में किसी भी प्रकार का जल संकट नहीं उत्पन्न होगा। शहर में नल के पानी की सप्लाई प्रति दिवस की जा रही है। निश्चित ही अप्रैल माह से ही पूर्व की भांति इस बार भी नल के माध्यम से प्रति दिवस जल प्रदान किया जा रहा है।जनता जनार्दन से आग्रह है कि जल का उपयोग उतना ही करे जितनी उसकी उपयोगिता है अनावश्यक रूप से जल का दुरपयोग न करे।

आज इन मजबूत सुविधा युक्त जल टैंकरों को हरि झंडी दिखाकर उपयुक्त स्थान पर सुविधा उपलब्ध हेतु रवाना किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश सुहाने, सतीश मिश्रा, पारस तिवारी, संतोष पांडेय, गुड्डू चौरसिया, विनय पांडेय, आदित्य नारायण शुक्ला, आलोक अग्रवाल, प्रकाश तिवारी, अंकित सिंह, उत्तम पांडेय, सुदामा प्रजापति, जितेंद्र पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, आदि लोग उपस्थित रहे।

रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है कि वास्तव में आज जो टैंकर प्रदान किए गए उनमें जो फायर टैंकर प्रदान किए गए उससे जो खेत खिलहान में या ग्रामीण में किसी भी तरह से अग्नि दुर्घटना से नुकसान हो जाता है और फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच पाती जिससे हानि हो जाती थी ऐसे में जो फायर टैंकर प्रदान किए गए उससे मैहर की धरा को काफी हद तक निजात प्राप्त होगा। वास्तव में मैहर विधायक कार्य ही पूजा के सिद्धांत का परिपालन करते हुए सम्पूर्ण मैहर जिला में विकासरूपी एक से बढ़कर एक सौगात दे रहे है।

सबसे बड़ी सौगात अभी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने अपने आगमन में आकर मैहर विधायक के कार्यों की प्रशंसा करते हुए मंच से कहा था कि मैहर की धरा में जो भी विकास का प्रारूप श्रीकांत जी लेकर आएंगे उसे अवश्य ही अमल किया जाएगा। मां शारदा लोक मां शारदा धाम के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम सार्थक के साथ एक प्रश्न उपस्थित करती है कि पूर्व में जो टैंकर चाहे वह सांसद निधि से हो या विधायक निधि से हो या अन्य निधि से जो टैंकर प्रदान किए गए थे उनकी भी गणना होनी चाहिए उनका भी रख रखाव कर उन्हें भी व्यवस्थित रूप से कर चलायमान किया जा सकता है। यह जल टैंकर जनता जनार्दन की उपयोगितार्थ संपदा है जो स्थाई रूप से प्रदान होती है।आखिर वह पूर्व में टैंकर कहा गए आखिर विलुप्त हो गए तो उनकी संख्या कितनी है उन्हें सुधार कर पुनः चलाया जा सकता है ।

जल ही जीवन है इसे व्यर्थ नष्ट न करे। हम सभी का दायित्व है कि सभी लोग समर्पित होकर जल के निदान हेतु सहयोगात्मक कार्य करे।

✍️ रवींद्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
               मैहर

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