किसानों को सोयाबीन फसल में कीट नियंत्रण की सलाह –
( छिन्दवाड़ा )
भारत सरकार के भारतीय मौसम विभाग पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से संबध्द आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र छिन्दवाड़ा द्वारा किसानों को खरीफ में सोयाबीन फसल के संबंध में सलाह दी गई है कि सोयाबीन में मोनोकोट/डाइकोट खरपतवारों के प्रबंधन के लिये डोरा या कुलपा निराई या अनुशंसित खरपतवारनाशी का उपयोग करें। साथ ही सोयाबीन की फसल में रस चूसक एवं पत्ती खाने वाले कीटों के हमले से फसल को बचाने के लिये बीटा साईफ्लूथ्रिन 8.4 प्रतिशत+इमिडाक्लोरप्रिड 19.81 प्रतिशत (सोलोमन)@350 मि.ली.प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। सोयाबीन की 15 से 20 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिये इमेजेथाफायर दवा 250 से 300 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
