जरियारी ग्राम में बक्साइट खदान को नहीं मिली स्वीकृति, पंचायत ने पास किया विरोध प्रस्ताव
(मैहर) वन क्षेत्र को बचाने की मुहिम में जरियारी ग्राम पंचायत के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पास कर स्पष्ट कर दिया गया कि बक्साइट खदान के संचालन के लिए किसी भी प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय खनिज शाखा, जिला मैहर द्वारा दिनांक 26 अगस्त 2025 को पत्र क्रमांक 471/खनिज/2025 जारी कर मध्यप्रदेश स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को बक्साइट खनन की स्वीकृति का उल्लेख किया गया था। इसी के विरोध में पंचायत प्रतिनिधि त्रिवेणी प्रसाद पांडेय ने ग्रामीणों के साथ आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र में खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा तथा स्थानीय जनता को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलेगा। उनका आरोप है कि कुछ बाहरी कारोबारी और अधिकारी आपसी सांठगांठ कर क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
पंचायत की बैठक में मौजूद शासकीय अधिकारियों के सामने यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया कि ग्राम पंचायत इस खनन कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं करेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने आम जनता की अनदेखी कर खनन का मार्ग प्रशस्त किया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

