जन अभियान परिषद ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती एवं स्वदेशी जागरण सप्ताह का किया आयोजन

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(कटनी)  शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और स्वदेशी जागरण सप्ताह के अंतर्गत व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।

          कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, विशिष्ट अतिथि द्वय भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता तिवारी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के सहायक प्रबंधक राम सुजान द्विवेदी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया।

          कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक बालमुकुंद मिश्र के द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि महापुरुषों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से परिषद द्वारा इस प्रकार के आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किए जाते हैं। इसी श्रृंखला में यह आयोजन कटनी में किया गया है।।

          अतिथियों के उद्बोधन के क्रम में सर्वप्रथम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एनआरएलएम के सहायक प्रबंधक रामसुजान द्विवेदी ने बताया पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिक है, जिस कारण से सरकार के द्वारा भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है इसी एकात्ममानववाद की कल्पना पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने की थी। उन्होंने स्वदेशी जागरण सप्ताह के अंतर्गत युवाओं को संकल्प लेकर स्वदेशी अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में ही उपस्थित सुश्री अंकिता तिवारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्मक मानववाद से प्रेरित होकर सरकार द्वारा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी विस्तार से देते हुए उपस्थित जनों से योजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।

          आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री टंडन ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का व्यक्तित्व बहु आयामी था। वे केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के विचारक लेखक एवं साहित्यकार थे। वह एक ऐसे युगदृष्टा थे जिनके द्वारा बोये गए विचारों और सिद्धांतों के बीजों ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा देने का काम किया। उनकी विचारधारा सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए थी, उनका मानना था कि जब तक हम समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचाते हैं, तब तक देश की स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है।

          कार्यक्रम का संचालन और आभार विकासखंड समन्वयक बालमुकुंद मिश्र ने किया। कार्यक्रम में अनिल गौतम, हीरामणि हल्दकार, अमित तिवारी, रामानुज पांडेय, विनीत सोंधिया और श्रीमती संयोगिता मिश्रा, प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अध्ययन छात्र-छात्राओं की विशेष उपस्थिति रही।

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