मैहर उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां के अतीत की स्मरणीय स्मृतियां- रवींद्र सिंह( मंजू सर) मैहर की कलम से
(मैहर) 49 वर्ष पूर्व बाबा की आयल पेंट से बनाई गई फोटो मेरे (रवींद्र सिंह मंजू सर) के पिता स्वर्गीय श्री शरद कुमार सिंह राष्ट्रीय स्तर के कलाकार द्वारा तत्कालीन शिक्षा मंत्री जी को भेंट की गई। आज से 49 वर्ष पूर्व सन 1976 में पद्म विभूषण उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां संगीत समारोह के कार्यक्रम तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री श्यामाचरण शुक्ल के मुख्य आतिथ्य में श्री के के चक्रवर्ती कलेक्टर सतना के मार्ग दर्शन में बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां का भव्य समारोह संपन्न हुआ जिसमे मेरे (रवींद्र सिंह मंजू सर) पिता स्वर्गीय शरद कुमार सिंह शिक्षक कलाकार द्वारा लगभग साढ़े चार फिट की आयल पेंट से बनाई गई उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां की बनाए गए चित्र को डॉक्टर कैलाश जैन ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री उइके जी को समर्पित किया।
इस दुर्लभ चित्र में बायी तरफ उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां की पत्नी श्री मती मदीना बेगम मंचासीन है उनके पीछे उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां के पुत्र अली अकबर खा खड़े है एवम दाई तरफ डॉक्टर कैलाश जैन जी है। निश्चित ही आज 51 वा उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां समारोह अत्यंत साज सज्जा से मनाया जा रहा है।
कल्पना कीजिए की आज से 49 वर्ष पूर्व जब विज्ञान की ज्यादा सुविधा नहीं थी तब यह समारोह किस प्रकार मनाया जाता रहा होगा। ऐसे में सम्पूर्ण समारोह की कलाकृति मेरे पिता स्वर्गीय श्री शरद कुमार सिंह जी द्वारा की जाती थी। वह शिक्षक के साथ साथ एक राष्ट्रीय स्तर के कलाकार थे जिन्हे अनेकों पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
आज बाबा की 51 वी वर्षगांठ पर यह दुर्लभ चित्र की फोटो के माध्यम से बाबा एवम अपने पिता को सादर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हू। निश्चित ही उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां के समारोह में अपनी सहभागिता दर्ज करा कर अपने पिता के प्रति उनके द्वारा किए गए इस धरा के लिए दिए योगदान में जो भी कमी रह गई हो उसे पूर्ण करने का प्रयास कलम के माध्यम से कर रहा हू।
मैं डॉक्टर कैलाश जैन जी का हृदय से आभार प्रकट करता हू जिन्होंने यह अतुलनीय फोटो प्रदान कर मुझे अपने पिता के किए गए योगदान को उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खा के 51 वा संगीत समारोह में अतीत की स्मरणीय यादें सम्मिलित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस आयोजन के लिए मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवम कला अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल के प्रति सादर आभार प्रकट करता हू।
