शासकीय महाविद्यालय में गीता जयंती का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ संपन्न
(विजयराघवगढ़) शासन के निर्देशन में शासकीय महाविद्यालय में गीता जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके मुख्य अतिथि पं जागेश्वर प्रसाद मिश्रा रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि श्री मिश्रा, प्राचार्य श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव एवं प्राध्यापकों द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। स्वागत की श्रृंखला में डॉक्टर अरुण कुमार द्वारा मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया गया।
इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के दार्शनिक संदेश एवं उसके जीवन में व्यावहारिक महत्व पर विधिवत प्रकाश डाला गया कि श्री गीता जी को पढ़कर अर्थ और भाव सहित अंतःकरण में धारण कर लेना ही मनुष्य का मुख्य कर्तव्य है जो पदनाभ भगवान श्री विष्णु के मुखारविंद से निकली है श्री गीता जी में भगवान द्वारा अपनी प्राप्त के लिए मार्ग बताया गया है । जिसे पढ एवं सुनकर जीव को मोक्ष प्राप्त होता है। कार्यक्रम में गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया गया तथा उसका ऑडियो प्रसारण विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को श्रवण कराया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने श्रीमद्भगवद्गीता से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य अतिथि श्री पंडित जी द्वारा सरल, स्पष्ट व प्रेरक समाधान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सुषमा श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सुमन पुरवार, डॉ. ज्योति सोनी, श्रीमती ज्योति ताम्रकार तथा समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थिति रहा।। छात्र-छात्राओं की सराहनीय उपस्थिति मे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
✍️ जागेश्वर प्रसाद मिश्रा
आरपीकेपी इंडिया न्यूज
विजयराघवगढ़
