बरही नगर परिषद में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप, घटिया निर्माण से जनता नाराज

(बरही) बरही नगर परिषद में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर इन दिनों नगर में चर्चा तेज़ है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और आरोपों के अनुसार नगर में करोड़ों की लागत से बन रही सड़क और नाली निर्माण में भारी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। रहवासियों का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन इस पर नगर परिषद कोई ध्यान नहीं दे रही।

जनहित से जुड़े मुद्दों को बेबाकी से उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता बीटू उर्फ मोहित शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) की मिलीभगत से भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। श्री शर्मा का कहना है कि अध्यक्ष अपनी “स्वच्छ छवि” का दावा करते हैं, जबकि नगर में कई निर्माण कार्य उनकी निजी जमीनों के आसपास ही प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं, जो कई सवाल खड़े करते हैं।

उनका कहना है कि—
“जब सैंया भय कोतवाल, तो डर कहे का?”
अर्थात जब जिम्मेदार लोग ही सवालों के घेरे में हों, तो फिर किसी को डर नहीं रह जाता।

स्थानीय निवासी और कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि बरही नगर में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। नगर में धर्मशाला, यात्री शेड और रैन बसेरा जैसी मूलभूत सार्वजनिक सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं जिनकी लंबे समय से मांग की जा रही है। यह लापरवाही नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है।

इसी बीच नगर परिषद अध्यक्ष की ही पार्टी से जुड़े युवा नेता प्रवीण उर्फ डब्बू भैया ने भी नगर में हो रहे निर्माण कार्यों पर असंतोष जताया है और कहा है कि कार्यों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, ताकि जनता के पैसों का दुरुपयोग न हो।

स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि नगर के विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं है तथा अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभा रहे। इसी कारण बरही नगर में अव्यवस्था, अधूरे काम और भ्रष्टाचार की चर्चाएं बढ़ती जा रही हैं।

✍️ नीरज तिवारी
    पत्रकार, बरही

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