बड़ा देव पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रभात ने आदिवासी संस्कृति को बताया समाज की आत्मा
घने वृक्षों की छांव में प्राकृतिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से की पूजा-अर्चना
(मैहर) ग्राम टीकर एवं बरकुला में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा परंपरागत बड़ा देव पूजन का भव्य आयोजन किया गया। घने वृक्षों की छांव में प्राकृतिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन उपरांत सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में आदिवासी परंपरा और संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
इस अवसर पर मैहर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि बड़ा देव पूजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने आदिवासी परंपराओं को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यह विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अमृतलाल पटेल, सरपंच शिवमंगल सिंह , मोती पटेल, उदय भान सिंह, मिंटू सिंह, विजय सिंह, बद्री सिंह, नरेश सिंह मरावी, मोनू लोधी, फुलचंद कोल, रमेश साकेत, सुनील साकेत, चंद्रभान सिंह, केदार सिंह, प्रताप सिंह, धर्मराज सिंह, हेमराज सिंह, वाल्मीक कोल, कोमल साकेत, राजा राम सिंह, दौलत सिंह, बालगोविंद सिंह, सूरजभान सिंह, रामप्रताप सिंह, रामसेवक सिंह, बलजीत सिंह, राखी लाल सिंह, नरेश सिंह सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह बड़ा देव पूजन आदिवासी समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा। आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी दिया।
