एसीसी कैमोर के कर्मचारियों की रहवासी व्यवस्था देख आंखें हुई नम
( कैमोर )
जल में “नाव” रहे तो कोई हानि नहीं है, मगर “नाव” में जल नहीं रहना चाहिए।
ठीक इसी तरह एसीसी सीमेंट औद्योगिक नगरी के स्वयं कर्मचारी अगर तिरपाल लगाकर कंपनी के बने क्वार्टर में रह रहे हैं तो यह देख कर क्षेत्रवासियों की “आंखें -नम” हो गई”।
जहां एक ओर एसीसी सीमेंट से भारतवर्ष में कैमोर से लेकर कन्याकुमारी तक एक से एक सौंदर्यीकरण, इमारतें, ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य हो रहा है ,
वहीं दूसरी ओर यह कहना उचित होगा कि “दिया तले अंधेरा” स्वयं कंपनी कर्मचारियों को अपने क्वार्टर में तिरपाल लगाकर रहना पड़ रहा है.।
आखिर क्या कारण है??? कि एसीसी औद्योगिक कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के आवासों में लगी तिरपाल कंपनी के आला अधिकारियों को नजर नहीं आ रही है….????*
कर्मचारी क्यों मौन है??
क्या आगे कुआं पीछे खाई है???
शिकायत करते हैं, तो नौकरी का खतरा…. नहीं करते हैं तो घर में रखे सामानों का नुकसान होने का खतरा????*
एसीसी औद्योगिक नगरी कैमोर द्वारा निरंतर लापरवाहीओं में यह भी बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा होता है????*
रिपोर्ट- गुलशन चक्रवर्ती कैमोर

