भोपाल | प्रदेश में कक्षा 3 से 8 तक की वार्षिक परीक्षाएं शुक्रवार से प्रारंभ हो गई हैं। परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों को विस्तृत एडवायजरी जारी की है। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
एडवायजरी में कहा गया है कि प्रश्न-पत्रों की प्रिंटिंग और वितरण के दौरान पूर्ण सतर्कता बरती जाए ताकि किसी भी प्रकार की विषम स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक सामग्री या तथाकथित ‘पेपर लीक’ से जुड़ी अफवाहें फैलाने की आशंका को देखते हुए जिलों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों के संज्ञान में आते ही संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पूर्व प्रश्न-पत्र या उससे मिलती-जुलती फर्जी सामग्री साझा करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह की गतिविधियां न केवल परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि कम आयु के विद्यार्थियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
जिलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि उनके अधीन संचालित सभी परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया समूहों पर भी सतत निगरानी रखी जाए। किसी भी संदिग्ध लिंक, चैनल या मोबाइल नंबर की जानकारी मिलने पर तत्काल राज्य साइबर सेल या स्थानीय साइबर पुलिस थाने को सूचित किया जाए। पुलिस प्रशासन के सहयोग से संदिग्ध सोशल मीडिया चैनलों और समूहों की साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी तथा भ्रामक सामग्री अपलोड करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को भ्रामक वीडियो या ‘पेपर लीक’ से जुड़े दावों पर विश्वास न करने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र ने जिलों से अपेक्षा जताई है कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।