भोपाल | रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेशभर में किसानों का पंजीयन तेजी से चल रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसान पंजीयन करा चुके हैं। पंजीयन की प्रक्रिया 7 मार्च तक जारी रहेगी। मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीयन व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसान आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए एमएसपी से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।
प्रदेश के विभिन्न संभागों में किसानों का पंजीयन लगातार बढ़ रहा है। इंदौर संभाग में अब तक 27 हजार 175, उज्जैन में 73 हजार 398, ग्वालियर में 3 हजार 358, चंबल में 1 हजार 449, जबलपुर में 12 हजार 342, नर्मदापुरम में 11 हजार 698, भोपाल में 41 हजार 268, रीवा में 3 हजार 242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7 हजार 137 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में और वृद्धि होने की संभावना है।
ग्राम पंचायत से सहकारी समिति तक नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा
किसानों के लिए नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों, तहसील कार्यालयों में बने सुविधा केंद्रों और सहकारी समितियों व सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को बिना किसी शुल्क के नजदीक ही पंजीयन की सुविधा मिल सके।
एमपी ऑनलाइन और साइबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन
इसके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर सशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इससे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के किसानों को भी रजिस्ट्रेशन कराने में सहूलियत मिल रही है।
किसानों को एसएमएस और गांव-गांव प्रचार
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले रबी और खरीफ पंजीयन में उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से पंजीयन की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गांवों में डोंडी पिटवाकर, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर सूचना प्रदर्शित कराने और समिति व मंडी स्तर पर बैनर लगवाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान समय पर पंजीयन करा सकें।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और सरकार किसानों को समय पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए हर स्तर पर सुविधा और जागरूकता बढ़ा रही है। 7 मार्च की अंतिम तिथि से पहले पंजीयन कराने वाले किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP का सीधा लाभ मिलेगा।
