मोहन सरकार और केंद्र पर तीखा हमला: “किसानों के साथ हुआ विश्वासघात, मध्य प्रदेश में ‘किसान कल्याण’ नहीं ‘किसान शोषण’ वर्ष मना रही भाजपा: जीतू पटवारी

Advertisement

(भोपाल) मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू ) पटवारी ने भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कड़ा प्रहार किया। पटवारी ने कहा कि जो शिवराज सिंह चौहान खुद को ‘पांव-पांव वाले भैया’ और ‘किसान पुत्र’ कहते थे, वे आज ‘हवाई जहाज वाले भैया’ बन गए हैं और सत्ता के अहंकार में किसानों की बदहाली का मजाक उड़ा रहे हैं।

जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय किसानों को मोदी की गारंटी दी थी—सोयाबीन का दाम ₹6000, गेहूं ₹2700 और धान ₹3100 प्रति क्विंटल देने का वादा किया था। लेकिन हकीकत में किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि “मुझे खुशी नहीं होती कि मैं 50 किलो अनाज की बोरी कंधे पर रखकर शिवराज जी के घर जाऊं, लेकिन एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते मेरा कर्तव्य है कि मैं उन्हें उनके झूठे वादे याद दिलाऊं।”

संसद में कृषि मंत्री द्वारा किसानों की आय 8 गुना बढ़ने के दावे पर पटवारी ने कहा कि वे स्वयं सागर और विदिशा की मंडियों में किसानों से मिलकर आए हैं। वहाँ 70% किसान, जिन्होंने भाजपा को वोट दिया था, वे भी कह रहे हैं कि सरकार झूठ बोल रही है। आज मध्य प्रदेश का 80% किसान बैंकों का डिफॉल्टर हो चुका है, जिसके लिए सीधे तौर पर भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं।

श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि गेहूं उपार्जन में जानबूझकर देरी की गई ताकि किसानों को मजबूरी में व्यापारियों को फसल बेचनी पड़े। उन्होंने कहा, लगभग”15 लाख क्विंटल गेहूं उपार्जन से पहले ही बिक गया किसानों को घाटा देकर भाजपा से जुड़े व्यापारियों की जेबें भरी गईं। यह किसानों के साथ किया गया एक बड़ा आर्थिक अपराध है।”

श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार ‘कैंसर’ की तरह फैल चुका है। पंचायत से लेकर मंत्रालय की पांचवीं मंजिल तक माफियाओं का कब्जा है। उन्होंने कहा कि हालिया ट्रांसफर लिस्ट केवल ‘लेन-देन’ और भ्रष्टाचार का नतीजा है, जिसका जनता की सेवा से कोई लेना-देना नहीं है।

श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि वे तबादला उद्योग चलाने के बजाय विशेषज्ञों के साथ बैठकर प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर बैठकें करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सकारात्मक प्रयास नहीं किए, तो आगामी चुनावों में किसान और जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।

श्री पटवारी ने अंत में कहा कि रायसेन में होने वाला ‘कृषि मेला’ किसानों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। भाजपा ने किसानों को खाद के लिए लाइन में खड़ा किया, बारदाने का संकट पैदा किया और अब उनकी अस्मिता से खेल रही है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें