उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में निजी हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह उन्नत सर्जिकल रोबोट अस्पताल और प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सर्जनों को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी सर्जरी करने में सहयोग प्रदान करेगा तथा उपचार की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी अस्पताल की गुणवत्ता इस बात से निर्धारित होती है कि वहां कितनी आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय और सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रयासों को स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आएगी और जनस्वास्थ्य सुदृढ़ होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे लोगों को शुद्ध और पोषक आहार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए उपचार अधिक सुलभ हुआ है। साथ ही, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस’ और अन्य जनउपयोगी पहल को अत्यंत उपयोगी और नवाचारपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बंसल हॉस्पिटल प्रबंधन और चिकित्सा टीम को रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी। अंकुश मिश्रा समाचारो की सूची प्रदेश में पहली बार विद्यार्थियों को मिल रहा द्वितीय परीक्षा का अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पहली बार विद्यार्थियों को मिल रहा द्वितीय परीक्षा का अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जानापाव में बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय स्तर पर iGOT पोर्टल पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने के मामले में मध्यप्रदेश को मिला तीसरा स्थान जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य, इसमें सबका सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को ओरछा-चंदेरी के लिये “पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा” का करेंगे शुभारंभ एमपी ई-सेवा’ से डिजिटल गवर्नेंस को मिला सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को विश्व धरोहर दिवस की शुभकामनाएं दीं 10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उत्कृष्ट कार्य करें और अपेक्षित परिणाम दें : प्रमुख सचिव श्री उमराव अत्याधुनिक उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी एवं सटीक बनाने में सहायक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल एकात्म पर्व के दूसरे दिन अध्यात्म, पर्यावरण और संस्कृति का एक अनूठा समागम राज्यमंत्री श्रीमती गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर अनूपपुर में ट्रांसमिशन लाइनों के समीप निर्माण बना जानलेवा खतरा, ट्रांसको ने चलाया विशेष जागरूकता एवं कार्रवाई अभियान उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी अभी तक 4.61 लाख किसानों द्वारा 1 करोड़ 96 लाख 92 हजार क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक : मंत्री श्री राजपूत अब तक 2937 स्थानों पर हुई जाँच, 4547 गैस सिलेण्डर किये गये जब्त साधना सप्ताह में मप्र को अध‍िकतम पाठयक्रम पूरा करने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरू अंगद देव जी के प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं संबंधित समाचार प्रदेश में पहली बार विद्यार्थियों को मिल रहा द्वितीय परीक्षा का अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पहली बार विद्यार्थियों को मिल रहा द्वितीय परीक्षा का अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जानापाव में बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य, इसमें सबका सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को ओरछा-चंदेरी के लिये

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से किया राष्ट्रीय जनगणना कार्य को सफल बनाने का आह्वान
प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण का काम आगामी 1 मई से होगा आरंभ
16 से 30 अप्रैल तक नागरिक ऑनलाईन कर सकेंगे स्व-गणना

(भोपाल) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की जनसंख्या के आंकड़े ही केंद्र सरकार द्वारा नीति निर्माण एवं मानव संसाधन के नियोजन का पहला आधार होते हैं। देश की आबादी की गणना के लिए राष्ट्रीय जनगणना-2027 का कार्य आगामी एक मई से आरंभ होने जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें सभी का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता के नाम एक अपील संदेश भी जारी कर आहवान किया है कि प्रदेश के सभी नागरिक अपनी सहभागिता से इस पुनीत राष्ट्रीय कार्य को सम्पन्न कराने में सहयोग दें। संदेश में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में एक मई 2026 से प्रारंभ हो रहे जनगणना-2027 के पहले चरण, ‘मकान सूचीकरण एवं गणना’ कार्य एक राष्ट्रीय दायित्व है। राज्य का प्रत्येक नागरिक पूर्ण निष्ठा और सक्रिय सहयोग के साथ इस कार्य को सफल बनाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनसामान्य की सुविधा के लिए “स्व-गणना” का विकल्प भी ऑनलाईन उपलब्ध कराया गया है। इसमें कोई भी नागरिक 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच http://se.census.gov.in पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी प्रदेशवासियों की सहभागिता प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने राज्य के प्रत्येक नागरिक से स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करने की अपेक्षा भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के इस अभियान में सभी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक अपने-अपने स्तर पर पूरी निष्ठा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं सहयोग की भावना से इस देशव्यापी राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें।

आधुनिक डिजिटल तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो रहा जनगणना में

भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। वर्तमान शताब्दी की तीसरी जनगणना वर्ष 2027 में संपादित की जानी है, जो राष्ट्र एवं राज्य के भावी विकास के लिए आधारभूत और विश्वसनीय जन सांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराएगी। जनगणना 2027 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस बार की जनगणना में आधुनिक डिजिटल तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। पहली बार बड़े पैमाने पर मोबाइल ऐप आधारित डेटा संकलन किया जाएगा।

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