हिरण नदी के पुनर्जीवन का प्रयास बना जन-जन का संकल्प: जल संरक्षण की नौ दिवसीय यात्रा के दौरान शहपुरा के पावला और जुगपुरा में उमड़ा जनसैलाब

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(जबलपुर)  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल संवर्धन और नदी पुनरुद्धार के संकल्प को साकार करते हुए जिले में संचालित नौ दिवसीय मां हिरण नदी जल संवर्धन अभियान अपने समापन के बेहद करीब पहुंच गया है। आगामी 20 मई तक चलने वाला यह महाअभियान अब पूरी तरह से एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। समापन के ठीक एक दिन पहले, जब 198 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर यह चेतना यात्रा जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत पावला और इसके आश्रित ग्राम जुगपुरा पहुंची, तो स्थानीय ग्रामीणों ने भव्य और आत्मीय स्वागत किया।

कुण्डेश्वरधाम से शुरू होकर जुगपुरा संगम तक फैले इस पूरे मार्ग पर भक्ति, अभूतपूर्व उत्साह और पर्यावरण जागरूकता का एक अनूठा व प्रेरणादायी माहौल नजर आया। जुगपुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, कलेक्‍टर श्री राघवेन्‍द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री अभ‍िषेक गहलोत, एसडीएम श्री मदन रघुवंशी, सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती सौम्‍या जैन, जन अभियान पर‍िषद के जिला समन्‍वयक श्री रायपुरिया सहित अन्‍य अधिकारी व स्‍थानीयजन मौजूद थे।

कार्यक्रम की शुरूआत मां हिरन नदी के समागम स्‍थल पर पूजन-अर्चन व आरती से हुई। भू-जल स्तर सुधरने से दूर होगी जल संकट की विभीषिका: जिला पंचायत अध्यक्ष ग्राम पंचायत पावला में आयोजित मुख्य जल संवाद कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया ने जल संकट की विभीषिका पर गहराई से प्रकाश डाला।

उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को सचेत करते हुए कहा कि यदि आने वाले समय में हमारे कुएं और तालाब खाली हो गए, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को पानी की बूंद-बूंद के लिए भारी संकट झेलना पड़ेगा, इसलिए हम सभी को आज से ही पानी बचाने की दिशा में गंभीर होकर कार्य करना होगा। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि यदि नदियों का जलस्तर अच्छा रहेगा तो क्षेत्र का भू-जल स्तर भी स्वतः ही सुधरेगा, जो खेतों की सिंचाई से लेकर घरों में शुद्ध पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सबसे बड़ा वरदान साबित होगा। कुण्डेश्वरधाम से जुगपुरा संगम तक 38 पंचायतों से गुजरी चेतना यात्रा अभियान की प्रगति और इसकी रूपरेखा की तकनीकी जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक गहलोत ने बताया कि सामाजिक और सांस्कृतिक जन-जागृति के पावन उद्देश्य से शुरू हुई यह यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।

यह यात्रा हिरण नदी के उद्‌गम स्थल कुण्डलेश्वर से प्रारंभ होकर जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत पावला के आश्रित ग्राम जुगपुरा में नर्मदा नदी के पावन संगम पर समाप्त होगी। नौ दिनों के इस सफर में यात्रा ने जिले की कुल 38 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण का संदेश दिया, जिसमें कुण्डम की 7, सिहोरा की 7, पनागर की 7, मझौली की 2, पाटन की 8 और शहपुरा की 7 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। डिजिटल रथ और नुक्कड़ नाटक ने जगाई जल संरक्षण की अलख यात्रा के दौरान ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए एक विशेष डिजिटल रथ और नुक्कड़ नाटक की टीम लगातार साथ चलती रही, जो ग्रामीण अंचलों में आकर्षण का केंद्र बनी रही। पावला में आयोजित जल संवाद कार्यक्रम के दौरान नाट्य लोक संस्था के कलाकारों ने हिरण नदी के गौरवशाली इतिहास और उसकी वर्तमान गाथा पर एक अत्यंत भावुक और मनमोहक नाटक की प्रस्तुति दी।

इस जीवंत अभिनय ने न केवल उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर किया, बल्कि हर एक नागरिक को अपनी जीवनदायिनी नदी को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने का दृढ़ संकल्प भी दिलाया।

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