मछली पकड़ने गया युवक लौटा लाश बनकर, बरही के चपना महानदी में संदिग्ध मौत से सनसनी

कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चपना में एक 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मृतक की पहचान नरेश कोल (पिता थाने कोल) निवासी ग्राम चपना के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरेश कोल बुधवार दोपहर अपने घर से मछली पकड़ने के लिए तार-छल्ला और अन्य औजार लेकर निकला था, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिजनों की चिंता बढ़ती गई और उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर रातभर खोजबीन शुरू कर दी।

सुबह नदी में मिला शव, इलाके में दहशत
सुबह होते-होते खोजबीन के दौरान चपना महानदी में एक युवक का शव पानी में पड़ा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर उसकी पहचान नरेश कोल के रूप में हुई। घटना की सूचना तत्काल ग्राम कोटवार द्वारा पुलिस को दी गई।

पुलिस मौके पर, जांच शुरू
बरही एवं विजयराघवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की। शव को पानी से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम हेतु विजयराघवगढ़ अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।

सवालों के घेरे में मौत — क्या नरेश अकेला था?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या नरेश अकेले मछली पकड़ने गया था?
अगर नहीं, तो बाकी लोग कहां गए?
घटना के समय और कौन-कौन मौजूद था?
इन सवालों ने इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है, जिस पर पुलिस की बारीकी से जांच बेहद जरूरी मानी जा रही है।

डायनामाइट और करंट से मछली मारने का खेल — प्रशासन मौन!
ग्राम चपना के ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे एक और गंभीर पहलू उजागर किया है। उनका कहना है कि—
महानदी में आए दिन डायनामाइट से ब्लास्टिंग कर मछलियां मारी जाती हैं
बिजली का करंट लगाकर अवैध तरीके से मछली पकड़ने का खेल चलता है
बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं करता
ग्रामीणों का आरोप है कि इस खतरनाक गतिविधि से न केवल जलीय जीवों का विनाश हो रहा है, बल्कि गांव के घरों में दरारें तक आ रही हैं।

प्रशासन के लिए चेतावनी, अब भी नहीं चेते तो और जाएगी जान!
यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ा अलार्म है। यदि समय रहते अवैध मछली शिकार के इन खतरनाक तरीकों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में और भी मासूम जानें जा सकती हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि—
अवैध ब्लास्टिंग पर रोक लगे
करंट से मछली मारने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, नदी और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके

मौत या लापरवाही? सच सामने आना जरूरी
नरेश कोल की मौत महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश — यह जांच का विषय है। लेकिन इतना तय है कि प्रशासन की अनदेखी और अवैध गतिविधियां अब जानलेवा साबित हो रही हैं।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गुत्थी को कितनी जल्दी सुलझाती है और प्रशासन कब जागता है!

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