संजय टाइगर रिजर्व के विस्थापित ग्रामों में पहुंचे कलेक्टर, सुनी ग्रामीणों की भावनाएं और अपेक्षाएं

पुनर्वास केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है : कलेक्टर

(सीधी) संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रस्तावित विस्थापित ग्राम तिनगी (तिलया), साईडोल एवं भैसवाही में गुरुवार को कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने पहुंचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याएं, आशंकाएं और अपेक्षाएं सुनीं तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता, पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए।

कलेक्टर ने ग्राम तिनगी (तिलया) और साईडोल में ग्रामीणों के बीच बैठकर पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र परिवार को असुविधा न हो तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी लाभ और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बसाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन, सुरक्षित आवास और उन्नत भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष पुनर्वास से संबंधित विभिन्न विषय रखे, जिन पर उन्होंने गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा तथा पुनर्वास प्रक्रिया में निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।

भैसवाही विस्थापित ग्राम में कलेक्टर ने आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देते हुए रोजगार मेला एवं पशु मेला आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास के बाद परिवारों की आय के स्थायी स्रोत विकसित करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उन्हें बेहतर आवास उपलब्ध कराना। ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आवश्यक दस्तावेजों के अद्यतन के लिए ई-केवाईसी शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से ग्रामों का पुनर्वास एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विस्थापित परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो, उन्हें गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं मिलें और उनके बच्चों के लिए शिक्षा तथा परिवारों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनर्वास से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि पुनर्वास की प्रक्रिया विश्वास, सहयोग और सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।

इस दौरान उपखंड अधिकारी कुसमी शैलेश द्विवेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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