बरही आधार सेंटर में भ्रष्टाचार का खेल? ₹1500 तक लेने के आरोपों से मचा हड़कंप
तय शुल्क से अधिक रकम वसूलने, काम में देरी और मनमानी के गंभीर आरोप; वर्षों से उठ रहे सवालों पर प्रशासन मौन
बरही (कटनी)। आम नागरिकों को पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बनाए गए आधार सेवा केंद्र अब सवालों के घेरे में हैं। कटनी जिले के बरही नगर के नए बस स्टैंड में संचालित आधार कार्ड सेंटर पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और मनमानी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब यह मामला आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।
आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने पहुंचे नागरिकों का आरोप है कि सेंटर में सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति से फॉर्म भरने के नाम पर अतिरिक्त ₹10 लिए जाते हैं, जबकि इस संबंध में किसी प्रकार का स्पष्ट सरकारी प्रावधान दिखाई नहीं देता। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिरिक्त राशि लेने के बावजूद उन्हें रसीद तक उपलब्ध नहीं कराई जाती।
सुबह से शाम तक लाइन, फिर भी नहीं होता काम
आधार सेंटर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन अव्यवस्था और धीमी कार्यप्रणाली के कारण लोगों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। मजदूर वर्ग, बुजुर्ग और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों का कहना है कि पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता और उन्हें अगले दिन आने के लिए कह दिया जाता है।
कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जो लोग अतिरिक्त राशि देने से इनकार करते हैं, उनके काम को प्राथमिकता नहीं दी जाती। ऐसे आरोपों ने सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ₹1500 वसूली का दावा
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर गैरतलाई निवासी एक व्यक्ति का बयान वायरल होने लगा। वायरल वीडियो और दावे के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने आरोप लगाया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए उससे ₹1500 की मांग की गई। कथित तौर पर उसे कहा गया कि सामान्य प्रक्रिया से काम नहीं होगा और “ऊपर तक व्यवस्था” करनी पड़ती है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन वायरल बयान ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्र में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जल्दी नंबर लगाने और प्राथमिकता से काम कराने के नाम पर अतिरिक्त राशि लेने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कई लोगों का आरोप है कि सेंटर लंबे समय से विवादों और शिकायतों के बावजूद बिना किसी प्रभावी जांच के संचालित हो रहा है।
संरक्षण और मिलीभगत की चर्चाएं
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि आधार सेंटर को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। लोगों का आरोप है कि शिकायतें होने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा न तो नियमित जांच की जाती है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जाती है। यही कारण है कि शिकायतों का सिलसिला लगातार जारी है और जनता का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।
जनता पूछ रही—आखिर कब होगी कार्रवाई?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि लगाए जा रहे आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल अवैध वसूली का मामला नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह है। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन, ई-गवर्नेंस विभाग और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, सेंटर पर शुल्क सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जांच से ही सामने आएगा सच
फिलहाल आरोपों और चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बरही आधार सेंटर में चल क्या रहा है? क्या वाकई उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है, या फिर यह केवल शिकायतकर्ताओं के आरोप हैं? इसका जवाब केवल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सामने आ सकता है।
अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और आम जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
बरही
