श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी छात्रवृत्ति, सरकार का बड़ा फैसला

80% से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों को ₹7500 की मदद, श्रमिक कल्याण योजनाओं को लेकर मंत्री प्रहलाद पटेल के बड़े निर्देश

भोपाल। श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री Prahlad Singh Patel ने घोषणा की है कि श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए “मेधा छात्र उन्नयन छात्रवृत्ति योजना” शुरू की जाएगी। इसके तहत 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

तीनों श्रमिक कल्याण मंडलों की समीक्षा बैठक में मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।

100 मेधावी छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति

नई योजना के तहत मध्यप्रदेश बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 100 विद्यार्थियों को 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य और योग पर जोर

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 422 संस्थानों में श्रमिकों के लिए योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वहीं बुरहानपुर और नरसिंहपुर में आदर्श श्रम कल्याण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इंदौर और ग्वालियर में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना है।

नई श्रम संहिताओं से मिलेगा बड़ा लाभ

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में लागू की जा रही नई श्रम संहिताएं श्रमिकों को अधिक सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान करेंगी।

नई व्यवस्था के तहत:

  • सभी वर्गों के लिए न्यूनतम वेतन का दायरा बढ़ाया गया है।
  • महिलाओं के लिए 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश सुनिश्चित किया गया है।
  • गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

जल्द शुरू होगी नई स्वास्थ्य सहायता योजना

बैठक में जानकारी दी गई कि असंगठित श्रमिकों के उपचार के लिए जल्द ही नई स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की जाएगी। साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

करोड़ों रुपये की सहायता पहुंची श्रमिकों तक

निर्माण श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि:

  • प्रसूति सहायता योजना में 190.84 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
  • अनुग्रह सहायता के रूप में 23.36 लाख रुपये प्रदान किए गए।
  • आयुष्मान भारत योजना के तहत 92.95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है।

डिजिटल होगी श्रमिक कल्याण व्यवस्था

श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप विकसित किए जाएंगे। साथ ही “श्रम साथी योजना” के तहत स्वयंसेवकों की तैनाती कर श्रमिकों को सीधे सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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