नीट-यूजी 2026 को लेकर हाई अलर्ट, 38 साइबर कमांडो करेंगे निगरानी
पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस, डीजीपी ने सभी एसपी को दिए सख्त निर्देश, 21 जून को परीक्षा में शामिल होंगे 1.18 लाख छात्र
भोपाल। नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
21 जून 2026 को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में प्रदेशभर के करीब 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण, परिवहन, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद गोपनीय सामग्री की वापसी तक पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को “पेपर लीक के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance)” की नीति अपनाने के निर्देश दिए।
38 साइबर कमांडो रहेंगे तैनात
परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने के लिए प्रदेश के 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे।
इनका मुख्य फोकस रहेगा:
- पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों पर नजर
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
- फर्जी संदेशों और दुष्प्रचार पर कार्रवाई
- संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जांच
सभी एसपी करेंगे केंद्रों का निरीक्षण
डीजीपी ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस अधीक्षक 20 जून तक अपने-अपने जिलों के परीक्षा केंद्रों, स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों और संबंधित बैंकों का निरीक्षण करें।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत:
- सीसीटीवी कैमरों की जांच
- डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) की व्यवस्था
- सुरक्षा बलों की तैनाती
- अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा
की जाएगी।
होटल, लॉज और कोचिंग सेंटर भी रहेंगे निगरानी में
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा से पहले होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की भी जांच की जाए।
परीक्षा से पहले के अंतिम 72 घंटों को सबसे संवेदनशील मानते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सबसे ज्यादा केंद्र
पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनाए गए हैं।
