सागर के विकास में ही खर्च होगा कंपनियों का सीएसआर फंड, बिना जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के कोई भी कार्य योजना नहीं होगी स्वीकार्य: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल

कम्पनी अधिनियम-2013 के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रमुख प्रतिनिधि रहे उपस्थित

(सागर) कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों एवं उपक्रमों द्वारा विगत 03 वर्षों में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सागर जिले में कार्य करने वाली सभी पात्र कंपनियां अपने सीएसआर फंड का उपयोग अनिवार्य रूप से सागर के समग्र विकास के लिए ही करेंगी। उन्होंने  कहा कि जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बिना कोई भी कंपनी स्वयं अपनी मर्जी से किसी भी सीएसआर गतिविधि को न तो तय करेगी और न ही उस पर कोई खर्च करेगी। यदि कंपनी बिना अनुमति के ऐसा कोई कार्य करती है तो वह सीएसआर के अंतर्गत मान्य नहीं होगा। समिति के आधिकारिक अनुमोदन के बाद ही विकास कार्यों की प्लानिंग को धरातल पर उतारा जाएगा।बैठक के दौरान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित कंपनी अधिनियम-2013 के वैधानिक प्रावधानों के तहत बताया गया कि पात्र कंपनियों को सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के अनुसरण में अनिवार्य रूप से व्यय करना होगा। चालू वर्ष के दौरान कंपनियों के प्रस्तावों के आधार पर मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, कौशल विकास, खेल, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण आदि क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक केवी, बीना एसडीएम श्री रवीश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ. आर. एस. जयंत, श्री भारत सिंह राजपूत जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द जैन, मैनेजर डीटीआईसी श्री कमलेश मगरदे, मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड से श्री अमित मिश्रा एवं श्री विवेक त्रिपाठी , विंग्स एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड से  श्री भौमिक मकवाना, जयप्रकाश (जेपी) थर्मल पावर प्लांट, बीना से श्री राजेंद्र कुमार शर्मा, श्री पी. के. सिन्हा तथा श्री राहुल दुबे, बीपीसीएल से श्री रोहित यादव आदि कंपनियों के प्रबंधकों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में विभिन्न सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के बजट और प्रस्तावित कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बीपीसीएल कंपनी द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा गत वर्ष 15 करोड़ रुपये का बजट सीएसआर के तहत खर्च किया गया जिसका 41% हिस्सा विशेष रूप से शिक्षा  क्षेत्र के सुधार पर व्यय किया गया। इसी प्रकार मध्य भारत एग्रो द्वारा बताया गया कि इस वर्ष करीब 2 करोड़ रुपये की राशि सीएसआर के तहत खर्च की जाएगी।इसी प्रकार जेपी थर्मल पावर प्लांट, विंग्स समूह , आर एस पी एल आदि सभी को अपनी सीएसआर गतिविधि नियमानुसार समिति के समक्ष प्रस्ताव रख कर,  समिति के अनुमोदन के पश्चात कार्य करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि सीएसआर फंड्स से किए जाने वाले सभी कार्यों की मॉनिटरिंग विभागीय जिला प्रमुखों के माध्यम से की जाएगी ताकि राशि का सही लाभ  सागर के विकास में पारदर्शी तरीके से मिल सके।

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