सड़क भी बनेगी, गरीबों का घर भी बचेगा! मंत्री विश्वास सारंग ने रोकी जल्दबाजी, पहले होगा पुनर्वास
10 लेन सड़क परियोजना के बीच प्रभावित परिवारों को राहत, वैकल्पिक प्लॉट देने के निर्देश
भोपाल। राजधानी भोपाल में प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना के तहत नयापुरा सेंट्रल जेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक मानवीय पहल सामने आई। सड़क निर्माण कार्य के कारण प्रभावित होने वाले गरीब और श्रमिक परिवारों की चिंता को देखते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक विश्वास कैलाश सारंग ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को पहले पुनर्वास और बाद में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री सारंग को जैसे ही जानकारी मिली कि सड़क परियोजना के तहत बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, उन्होंने तुरंत मौके का निरीक्षण किया और एनएचएआई, नगर निगम, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई
मंत्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गरीब परिवार को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास के साथ मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
शिफ्टिंग के लिए मिलेगा पर्याप्त समय
मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को स्थानांतरण की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाए। साथ ही शिफ्टिंग के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की होगी।
घर के पास ही मिलेगा नया ठिकाना
परिवारों की आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन प्रभावित न हो, इसके लिए मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि पुनर्वास के लिए भूमि उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
विकास और संवेदनशीलता का संतुलन
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं विकास की पहचान हैं, लेकिन किसी भी परियोजना की कीमत गरीबों के हितों की अनदेखी करके नहीं चुकाई जा सकती। सरकार विकास के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।
स्थानीय लोगों ने जताया आभार
मंत्री सारंग के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के रहवासियों और प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो कई परिवारों के सामने आवास और रोजगार का संकट खड़ा हो जाता। उन्होंने मंत्री सारंग के मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित हस्तक्षेप की सराहना की।
इस पहल को विकास और संवेदनशील प्रशासन के संतुलन का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है, जहां सड़क निर्माण जैसी बड़ी परियोजना के साथ लोगों के पुनर्वास और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
