मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान! इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में अब नागदा, धार और रतलाम भी शामिल
श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय को मिलेगा नया स्वरूप, नागदा के बालाजी धाम में बढ़ेंगी सुविधाएं
नागदा (उज्जैन)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागदा में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विकास को नई गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र का विस्तार करते हुए अब नागदा, धार और रतलाम को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण हुआ है और अब मध्यप्रदेश में भी भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों को विकसित करने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का होगा विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे, उन्हें “श्रीराम वन गमन पथ” के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को “श्रीकृष्ण पाथेय” योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चित्रकूट धाम के विकास के लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उज्जैन, इंदौर और आसपास के जिलों में आधारभूत संरचना, सड़क, पर्यटन और धार्मिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बालाजी धाम में मिलेंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा के श्री बालाजी धाम में फर्श निर्माण, बाउंड्री वॉल, पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।
दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण के गोपालन मॉडल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में दूध उत्पादन को वर्तमान 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्राकृतिक खेती और गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की योजना भी लागू की जा रही है।
सनातन संस्कृति की ओर बढ़ रहा दुनिया का विश्वास
कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि आज विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
