मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में महिदपुर में 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण किया गया
सामाकोटा बैराज के प्रारंभ होने से महिदपुर के 11 हजार से अधिक किसानों को मिली सिंचाई की बड़ी सौगात
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में बुधवार को जिले के महिदपुर में 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि महिदपुर से उनका लगाव काफी पहले से रहा है। महिदपुर का विशेष ऐतिहासिक महत्व भी है। महिदपुर के विकास के लिए निरंतर कई परियोजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं।महिदपुर के डोंगला से होते हुए नया फोर लेन मार्ग का निर्माण करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर का उज्जैन में एक विशेष महत्व रहा है। सभी क्षेत्रों में महिदपुर का विशेष योगदान रहा है। महिदपुर का नारायणा गांव भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का साक्षी रहा है। महिदपुर परिवहन की दृष्टि से भी काफी सश्क्त है। भारी माल ढोने वाले ट्रकों की बॉडी का कार्य सबसे अधिक यहीं पर होता है। डोंगला में खगोलीय घटनाओं की गणना के लिए आब्जरवेट्री बनाई गई है।हमारी सरकार किसान हितैशी सरकार है मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसान, युवा, महिला सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है। हम सभी ने किसानों को अपने परिश्रम से फसल को सोना बनाते हुए देखा है। किसान अपने कठोर परिश्रम और पुरुषार्थ से अनाज उगाते हैं। हमने किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल के मान से गेहूं उपार्जन के दौरान गेहूं खरीदा है। सोयाबीन की भावांतर राशि भी हमने किसानों को प्रदान की है।विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगाविकास का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा यह वर्ष किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। वर्तमान में 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। हमारी सरकार के 05 वर्ष पूर्ण होने पर 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई का रकबा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिमाह लाडली बहनों के खातों में राशि का अंतरण किया जाता है। विकास के मामले में हम कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से सबको यह संकल्प दिलवाया कि सभी वर्गों की भलाई के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि सभी किसानों के खेतों में पानी पहुंचेगा। वर्तमान में सबसे अधिक बांध महिदपुर में बनाए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय और स्टेट हाईवे भी महिदपुर के आस-पास बनाए गए हैं ताकि यहां की कनेक्टिविटी बढ़ सके। गरोठ रोड, आगर रोड फोर लेन का कार्य किया गया है। चितावद में रुदाहेडा डेम भी शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी लागत 2 हजार करोड़ रुपए है। नारायणा गांव से डोंगला तक नया मार्ग बनाया जाएगा। कोटा से आलोट, महिदपुर और नागदा के बीच नई ट्रेन चलाई जाएगी।हर खेत में सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगाकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इस अवसर पर कहा कि देश की आत्मा यहां के गांवों में बसती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि हर खेत में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचना चाहिए। 2003-2004 में सिंचाई का रकबा प्रदेश में 07 लाख हेक्टेयर था। यह वर्तमान में बढ़कर 54 लाख हेक्टेयर हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पदभार ग्रहण करने के पश्चात सिंचाई के रकबे में 2.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 का आयोजन किया जाना है। शिप्रा नदी के जल को निर्मल रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महत्वाकांक्षी कान्ह डायवर्सन परियोजना का संकल्प लिया जो शीघ्र ही पूर्ण होगी। सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना के अंतर्गत भी 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से संत और श्रद्धालु स्नान करेंगे।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट के माध्यम से सामाकोटा परियोजना और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।इनमें उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्मित महाविद्यालय के नवीन भवन की लागत 4.35 करोड़ रुपये, लोक शिक्षण विभाग द्वारा शासकीय कन्या हाई स्कूल सेमलिया, शासकीय कन्या हाई स्कूल महिदपुर रोड तथा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कुंडीखेड़ा के भवनों की प्रत्येक की लागत 1.48 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग द्वारा मोचीखेड़ा में नवीन 33/11 के.वी. उपकेंद्र की लागत 1.91 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा झारड़ा क्षेत्र के आक्यालिम्बा, पीपल्याधुमा, गोगाखेड़ा, भादवा, डूंगरखेड़ा, बरखेड़ाबुजुर्ग, मकला, चितावद, धाबलासिया, लसूड़ियानहाटा, नागगुराड़िया, नलखेड़ा एवं शक्करखेड़ी में निर्मित 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों की प्रत्येक की लागत 0.65 करोड़ रुपये का लोकार्पण किया गया।अतिथियों द्वारा मंच पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती शिवानी कुंवर, विधायक नागदा खाचरोद डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, पूर्व विधायक श्री बहादुर सिंह चौहान, श्री राजेश धाकड़, जनपद पंचायत महिदपुर अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा सूर्यवंशी, नगर परिषद महिदपुर के अध्यक्ष श्रीमती नानी बाई नानी बाई माली , जिला पंचायत सदस्य श्री प्रताप सिंह आर्य, श्री श्याम सिंह चौहान, श्री विकास यादव, श्रीमती उमा पांडे, श्री निरंजन मेहता, श्री राकेश यादव, श्री रामराज मालवीय, श्री जयसिंह दरबार और लोकतंत्र सैनानियों के परिवारजन भी उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन श्री विकास कुमार ने किया और आभार प्रदर्शन श्री राजेश धाकड़ द्वारा किया गया।सामाकोटा बैराज परियोजना की जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटरउल्लेखनीय है कि सामाकोटा बैराज परियोजना छोटी कालीसिंध नदी पर निर्मित है और इससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक सूक्ष्म दाब सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसकी कुल स्वीकृत लागत 188.42 करोड़ रुपये है, इसकी जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है, जिससे कुल 7236 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पाइप पद्धति द्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से झारड़ा तहसील के 18 गांवों — नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टिया,जस्साखेडी, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाता, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, डूंगरखेड़ा, महिदपुरिया, सोमचीडी एवं झारड़ा के लगभग 11,093 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। परियोजना के अंतर्गत दो पंप हाउस का निर्माण किया गया है, जिनमें से पंप हाउस नंबर-1 से 5548 हेक्टेयर तथा पंप हाउस नंबर-2 से 1738 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। बैराज की ऊंचाई 13 मीटर एवं लंबाई 1010 मीटर है, जिसमें 12 मीटर x 8.85 मीटर के कुल 11 गेट लगाए गए हैं।
