प्रशासन की लापरवाही से खंडहर बना कन्या शाला भवन, आखिर कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र?

प्रशासनिक उदासीनता का शिकार प्राथमिक कन्या शाला भवन, जीर्णोद्धार की उठी मांग

(कैमोर) नगर के वार्ड क्रमांक 6 में स्थित शहर का एकमात्र प्राथमिक कन्या शाला भवन वर्षों से प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही का शिकार बना हुआ है। भवन की जर्जर हालत न केवल छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।

जानकारी के अनुसार भवन की खराब स्थिति को देखते हुए छात्राओं को सुरक्षा की दृष्टि से शासकीय विद्यालय खलवारा बाजार में स्थानांतरित कर दिया गया था। उस समय अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही भवन का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य कराया जाएगा, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

समाजसेवी एवं अधिवक्ता पित्रेश पाण्डेय ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार मांग और ध्यानाकर्षण के बावजूद संबंधित विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के इस मंदिर की बदहाली प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है। यदि समय रहते आवश्यक कार्य नहीं कराया गया तो भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो सकता है।

उन्होंने मांग की है कि प्राथमिक कन्या शाला भवन का तत्काल तकनीकी सर्वे कराया जाए तथा मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि जब छात्राओं की सुरक्षा के कारण विद्यालय को स्थानांतरित किया जा चुका है, तब भी भवन के सुधार के लिए कोई पहल न होना प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस जर्जर भवन की सुध कब लेते हैं और कब तक यह भवन अपने जीर्णोद्धार की प्रतीक्षा करता रहेगा।

✍️   रोहित सेन
RPKP INDIA NEWS
         कैमोर

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