पहली ही बारिश ने खोली पोल, देवरी-मझगवा मार्ग पर प्रशासन का ‘बेशरम’ विकास बहा
(कैमोर) कहते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते, और जब बात सरकारी निर्माण में लापरवाही की हो, तो मानसून की पहली फुहार ही सारे दावों की हवा निकाल देती है। ऐसा ही कुछ देवरी-मझगवा मार्ग पर देखने को मिला है, जहाँ प्रशासन द्वारा की गई मरम्मत और लीपा-पोती जरा सी बारिश में ही ताश के पत्तों की तरह बह गई।

बदहाली छुपाने के लिए रोपे थे बेशरम के पौधे
गौरतलब है कि पिछले दिनों इस मुख्य मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी को छुपाने के लिए सड़क किनारे बेशरम के पौधे रोपने का अजीबोगरीब मामला सामने आया था। जब स्थानीय जनता के विरोध और मीडिया की मुस्तैदी के बाद मामला गरमाया, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने आनन-फानन में तकनीकी रूप से मजबूत काम करने के बजाय केवल दिखावे की लीपा-पोती कर अपनी पीठ थपथपा ली थी।

हल्की बारिश ने दिखाई औकात, फिर उभरे गड्ढे ,स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर
राहगीरों का कहना है कि घटिया सामग्री का खेल: ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों की मिलीभगत से केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए बेहद घटिया स्तर का काम किया गया था।
एक बारिश भी नहीं झेल सकी सड़क: हाल ही में हुई हल्की सी बारिश के बाद वह सतही मरम्मत बह चुकी है। सड़क एक बार फिर अपनी पुरानी जर्जर और जानलेवा स्थिति में आ गई है।
बढ़ रहा हादसों का ग्राफ: मार्ग पर कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय निवासी समाजसेवी व अधिवक्ता ब्रह्म मूर्ति तिवारी ने बताया कि प्रशासन का रवैया बिल्कुल गैर-जिम्मेदाराना है। पहले बेशरम के पौधे लगाकर अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश की गई, और जब हमने आवाज उठाई, तो जो दिखावे की मरम्मत की गई, वह पहली ही बारिश का पानी नहीं झेल पाई। यह सीधे-सीधे जनता के पैसों की बर्बादी है।”
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार ध्यान दें कि अब बहानेबाजी नहीं, कार्रवाई चाहिए!
यह पूरा घटनाक्रम साफ तौर पर सरकारी बजट के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। क्षेत्र की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है और प्रशासन से इन तीखे सवालों के जवाब मांग रही है
उच्च स्तरीय जांच हो: देवरी-मझगवा मार्ग पर बेशरम के पौधे लगाने से लेकर, इस घटिया मरम्मत कार्य तक की पूरी फाइल खंगाली जाए।
ठेकेदार और इंजीनियर पर गिरे गाज: सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए और संबंधित लापरवाह अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई हो।
स्थाई समाधान: इस मार्ग का जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण और स्थाई पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि राहगीरों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
✍️ सुनील सिंगोते
RPKP INDIA NEWS
कैमोर
