जिले में दस्तक सह स्टॉप डायरिया का कैंपेन शुरू सीएमएचओ ने बच्चों को विटामिन ए का घोल पिलाकर किया अभियान का शुभारंभ
बच्चों में एनीमिया, कुपोषण एवं बाल्यकालीन बीमारियों की पहचान करने के लिए 31 अगस्त तक चलेगा अभियान.
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर सीएमएचओ डॉ नवीन कोठारी ने बताया की दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, एनीमिया एवं अन्य गंभीर बाल्य कालीन बीमारियों को चिन्हित कर, बच्चों को शीघ्र एवं सही इलाज प्रदान करना है जिससे शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
सीएमएचओ ने बताया कि इस अभियान में दौरान जबलपुर जिले के लक्ष्य के अनुसार लगभग 2 लाख 92 हजार 395 बच्चों की स्क्रीनिंग की जायेगी। दस्तक दल पूरी मुस्तैदी से घर-घर जाकर 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगे तथा उन्हें विटामिन ए का घोल पिलायेंगे । विटामिन ए की खुराक बच्चों की आंखों की रोशनी बढ़ाने तथा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ विनोद गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष दस्तक सह डायरिया कैंपेन को तकनीक रूप से बेहद आधुनिक और सुदृढ़ बनाया गया है। इस बार दस्तक अभियान में डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) टूल के माध्यम से फील्ड में प्रत्येक बच्चे की स्क्रीनिंग और रेफरल की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। इससे अति कुपोषित तथा गंभीर बीमार बच्चों की पहचान में मानवीय त्रुटि की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। डीएसएस टूल की मदद से मैदानी अमला तुरंत गंभीर बच्चों को चिन्हित कर सीधे पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) या उच्च चिकित्सालय में रेफर कर सकेगा जिससे बच्चों को बिना देरी किए हुए तुरंत और सही इलाज मिलेगा। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से बच्चों की लाइव स्क्रीनिंग होगी।
दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ विनोद गुप्ता, संस्था प्रभारी डॉ अंशुल शुक्ला, जन आरोग्य समिति के भोले शंकर सोनी, संभागीय समन्वयक निहार दीवान, डीपीएम डॉ उपेन्द्र सिंह कुशवाहा, डेटा आर आई मैनेजर विजय पाण्डेय, डीसीएम सुश्री दीपिका साहू, यूएनडीपी से अतुल करकरे, एपिडेमियोलॉजिस्ट भी मौजूद थे।
