दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज से लेकर केन-बेतवा मुआवजे तक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में उठाए जनहित के मुद्दे
भोपाल (आरपीकेपी इंडिया न्यूज) मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस बर्बरता, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी तथा केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बच रही है।
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्य राहुल गांधी के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और छात्रों पर हुए अत्याचार के विरोध में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे।
इसके बाद सदन के भीतर इस विषय पर चर्चा की मांग करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय चर्चा से बचती रही।
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बढ़ती बेरोज़गारी और छात्रों पर अत्याचार भाजपा सरकार की युवा नीति का प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा अपने भविष्य को लेकर जवाब मांग रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अहंकार का परिचय दे रही है।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने इसी विषय को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन किया था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के छात्रों को “अराजक” और “कॉकरोच” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया, जो युवाओं का अपमान है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के युवाओं की समस्याओं के लिए समय नहीं है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी।
सदन में नेता प्रतिपक्ष ने केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि छतरपुर और पन्ना जिलों के अनेक प्रभावित ग्रामीणों को अब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है तथा मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने सरकार से पूछा कि अभी कितने प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलना शेष है और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए। उमंग सिंघार ने कहा कि लगभग 8 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन जब अभी भी कई परिवार अपने अधिकार से वंचित हैं, तब परियोजना की आगे की कार्रवाई और विस्थापन किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की पुनः जांच कराने और सभी प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस जनता, युवाओं, किसानों और विस्थापित परिवारों से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रहेगी तथा सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का कार्य जारी रखेगी।

