विजयराघवगढ़ के हथेड़ा ग्राम सभा में हंगामा के बीच जनता के गूंजे सवाल, चार साल के विकास कार्यों का मांगा हिसाब

पंचायत के सामने युवाओं ने रखी 21 सूत्रीय मांग पूरी न होने पर आंदोलन कि दी गई चेतावनी

विजयराघवगढ़। RPKP INDIA NEWS

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ग्राम सभाएं इस बार महज औपचारिकता बनकर नहीं रह गईं। वर्षों से ग्राम सभाओं में गिने-चुने ग्रामीणों की मौजूदगी, पंचायत द्वारा विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जानकारी और फिर बैठक समाप्त—मानो यही परंपरा बन चुकी थी। लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई नजर आई। ग्रामीणों ने न केवल बड़ी संख्या में ग्राम सभा में पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि पंचायत के सामने सीधे सवाल भी खड़े कर दिए।

ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत हथेड़ा से सामने आया, जहां मंगलवार को आयोजित ग्राम सभा में पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा पंचायत में कराए गए विकास कार्यों, आगामी कार्यों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही थी। बताया गया कि पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास, पेंशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ कितने हितग्राहियों को मिला है और कितने हितग्राही अभी लाभ से वंचित हैं। पंचायत स्तर पर हुए विकास कार्यों का भी ब्यौरा ग्रामीणों के सामने रखा गया। लेकिन इस बार ग्रामीण केवल सुनने के लिए नहीं आए थे।

युवाओं ने बीच ग्राम सभा में दागे सवाल

ग्राम सभा के दौरान गांव की युवा शक्ति समिति से जुड़े युवाओं ने पंचायत की कार्यप्रणाली और गांव के विकास को लेकर सवाल उठाने शुरू किए। समिति के संस्थापक रंजीत पटेल सहित अन्य युवाओं ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों से पूछा कि आखिर पंचायत में वास्तविक विकास कितना हुआ है और गांव की जनता को सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों का कितना लाभ मिला है?
युवाओं ने साफ शब्दों में कहा कि ग्रामीणों को केवल कागजों में हुए विकास की जानकारी देकर गुमराह करने से काम नहीं चलेगा। पंचायत में यदि विकास हुआ है तो उसका असर गांव की गलियों, सड़कों, पानी, रोशनी और गरीब परिवारों के घरों में दिखाई देना चाहिए।

भ्रष्टाचार हुआ है तो जांच हो—ग्राम सभा में उठी मांग

ग्राम सभा में युवाओं एवं जागरूक ग्रामीणों ने पंचायत में हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कराए गए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया गया और कथित कमीशनखोरी के चलते विकास कार्य प्रभावित हुए।
सीसी सड़क हो या शासकीय भवनों से जुड़े निर्माण कार्य—ग्रामीणों ने इन सभी कार्यों की गुणवत्ता एवं खर्च की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि अगर निर्माण कार्य नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण हुए हैं तो उनकी जांच कराने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जांच के बाद स्थिति खुद स्पष्ट हो जाएगी कि सरकारी राशि का उपयोग किस तरह हुआ और विकास कार्य वास्तव में कितने मजबूत हुए।

गरीब झोपड़ी में, योजना का लाभ किसके पास?

ग्राम सभा में सबसे गंभीर सवाल सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर उठा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में कई जरूरतमंद गरीब परिवार आज भी प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ऐसे परिवार जर्जर मकानों और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं, जबकि दूसरी ओर अपेक्षाकृत सक्षम परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। युवाओं ने पंचायत से सवाल किया कि यदि योजनाएं वास्तव में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हैं तो फिर पात्र परिवारों को लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
ग्रामीणों ने मांग की कि पंचायत में संचालित योजनाओं की पात्रता सूची सार्वजनिक की जाए, लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाए और यदि कहीं अपात्र व्यक्ति को लाभ मिला है तो उसकी भी जांच हो।

पंचायत के सामने रखी गईं 21 मांगें

ग्राम सभा के दौरान युवा शक्ति समिति एवं जागरूक ग्रामीणों ने गांव के विकास और जनसमस्याओं से जुड़ी 21 महत्वपूर्ण मांगें पंचायत के सामने रखीं। इन मांगों में गांव में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान, नई सड़कों का निर्माण, पुरानी सड़कों की गुणवत्ता की जांच एवं सुधार, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग शामिल रही। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि गांव में विकास कार्यों की जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को पता चल सके कि पंचायत को किस कार्य के लिए कितनी राशि मिली, कितना खर्च हुआ और कार्य की वास्तविक स्थिति क्या है।

अवैध शराब बिक्री का मुद्दा भी गरमाया

ग्राम सभा में गांव में कथित रूप से चल रही अवैध शराब पैकारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। पंचायत स्तर से प्रशासन को इसकी जानकारी देने एवं संबंधित विभाग से कार्रवाई कराने की मांग भी रखी गई।

“ग्राम सभा में मांग रखकर चुप नहीं बैठेंगे”

युवा शक्ति समिति के युवाओं का कहना है कि ग्राम सभा में मांग रखना केवल शुरुआत है। अब इन मांगों पर कार्रवाई भी देखी जाएगी। ग्रामीणों ने पंचायत को करीब एक माह का समय देने की बात कही है। युवाओं का कहना है कि यदि इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और समस्याओं का समाधान जमीन पर नजर नहीं आया तो ग्रामीण प्रशासन के समक्ष अल्टीमेटम रखेंगे। इसके बाद आवश्यकता पड़ी तो धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। युवाओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की होगी।

इस बार ग्राम सभा में सिर्फ “हां” नहीं, सवाल भी हुए

हथेड़ा की ग्राम सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस बार ग्रामीण केवल पंचायत द्वारा दी गई जानकारी सुनकर वापस नहीं लौटे। उन्होंने अपने सवाल रखे, समस्याएं गिनाईं, मांगों का लिखित/सामूहिक रूप से वाचन कराया और पंचायत से जवाबदेही की मांग की।

ग्राम सभा में युवा शक्ति समिति के संस्थापक रंजीत पटेल सहित बड़ी संख्या में युवा एवं जागरूक ग्रामीण मौजूद रहे।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें