पन्ना में मानवता की मिसाल: समाजसेवी और रक्तदाताओं ने बचाई 15 दिन की दो मासूम जुड़वां बच्चियों की जान
पन्ना। RPKP INDIA NEWS
जिला चिकित्सालय पन्ना से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक भावुक और प्रेरक खबर सामने आई है, जहां जागरूक नागरिकों और रक्तदाताओं की तत्परता से दो नवजात बच्चियों को नया जीवन मिला है।
डॉक्टर की सूचना पर एक्टिव हुए समाजसेवी
अस्पताल में भर्ती रतिराम चौधरी की 15 दिन की दो जुड़वां बेटियां जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं। बच्चियों के शरीर में खून की अत्यधिक कमी (Severe Anemia) होने के कारण डॉक्टर वाई. के. चतुर्वेदी ने उन्हें तत्काल ‘फ्रेश ब्लड’ चढ़ाने की सलाह दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर चतुर्वेदी ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी को दी।
सोशल मीडिया बना मददगार
सूचना मिलते ही समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी ने बिना समय गंवाए इस अति आवश्यक संदेश को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। उन्होंने समाज से इन मासूमों की जान बचाने के लिए आगे आने की भावुक अपील की।

शिक्षकों और मित्रों ने पेश की मानवता की मिसाल
सोशल मीडिया पर इस मार्मिक पोस्ट को पढ़ते ही महारानी दुर्गा राज्य लक्ष्मी विद्यालय के शिक्षक अनिल जड़िया (निवासी रानीगंज, पन्ना) का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत अपने बड़े भाई विनोद जढ़िया, विकास चौरसिया और गिरीश शर्मा से संपर्क किया। सभी मित्र बिना एक पल गंवाए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। इन जागरूक रक्तदाताओं के इस महादान की बदौलत दोनों मासूम बच्चियों को समय पर खून मिल सका और उनकी जान बच गई।
अपनों की बेरुखी के बीच चमकी इंसानियत
इस पूरे घटनाक्रम में जहां एक ओर अजनबी युवक समाजसेवी अनिल जड़िया ने बच्चियों की जान बचाने के लिए अपना खून दे दिया, वहीं दूसरी ओर यह बात भी चर्चा में रही कि अहिरवार चौधरी समाज या बच्चियों के अपने सामाजिक वर्ग से कोई भी व्यक्ति रक्तदान के लिए आगे नहीं आया। संकट के इस समय में रक्तदाताओं ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत का रिश्ता हर सामाजिक बंधन से ऊपर होता है।इस सराहनीय कार्य के लिए अस्पताल स्टाफ, बच्चियों के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी सहित रक्तदाता अनिल जड़िया एवं सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
