जिले में रबी सीज़न के लिए उर्वरक वितरण व्यवस्था, ई-विकास प्रणाली 2.0 एवं बलराम कृषि महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने रबी सीज़न के लिए किसानों से खाद एवं उर्वरक के अग्रिम उठाव की करी अपील 10 सितंबर को कुंडेश्वर में होगा बलराम कृषि महोत्सव
(टीकमगढ़) कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उर्वरक वितरण व्यवस्था एवं बलराम कृषि महोत्सव आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष श्री ज्ञानेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री विशाल धाकड़, उपसंचालक कृषि श्री मनोज कश्यप, कृषि वैज्ञानिक, श्री मुन्नीलाल यादव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में उपसंचालक कृषि ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि राज्य शासन द्वारा किसानों को उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 लागू की गई है। नई व्यवस्था में किसानों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ई-विकास प्रणाली 2.0 में किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार कोई भी एक उर्वरक खरीद सकेगा। आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के अनुसार अथवा उससे अधिक मात्रा में मनचाहा उर्वरक प्रथम बार में ही क्रय करने की सुविधा दी गई है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता समाप्त कर ड्रॉपडाउन के माध्यम से कारण चयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नई व्यवस्था में मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जनरेट करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की गई है। किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे बाद उसे निरस्त करने की सुविधा भी दी गई है। फसल खराब होने की स्थिति में पुनः उर्वरक की मांग के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी तथा ऐसे प्रकरणों का तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जाएगा।
किसान ई-विकास प्रणाली से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर $91 7880223344 पर प्रत्येक शासकीय कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिकायत अथवा समस्या दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल पर फसलवार आईसीएआर अनुशंसा के अनुसार विभिन्न उर्वरक समूहों की जानकारी भी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक समूह का चयन कर सकेंगे।
टीकमगढ़ जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध
बैठक में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी सीजन 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति के अनुसार 2 सितंबर 2026 तक कुल 22,773.84 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें से 4,451.84 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा 18,322 मीट्रिक टन शेष है। इसमें यूरिया 10,608.49 मीट्रिक टन, डीएपी 6,072.75 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 2,432.90 मीट्रिक टन, पोटाश 337.55 मीट्रिक टन तथा एनपीके 3,322.15 मीट्रिक टन की उपलब्धता दर्ज की गई है। श्री श्रोत्रिय ने जिले के किसानों से अपील की है कि किसान अपनी सुविधानुसार रबी सीजन 2026-27 में अग्रिम उर्वरक उठाव करें।
10 सितंबर को कुंडेश्वर में होगा बलराम कृषि महोत्सव
बैठक में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि योजनाओं तथा विभिन्न विभागों की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बलराम कृषि महोत्सव 2026 का आयोजन 10 सितंबर 2026 को कुंडेश्वर मंदिर प्रांगण, कुंडेश्वर में किया जाएगा। महोत्सव की थीम ‘कृषि सशक्तिकरण से समृद्ध मध्यप्रदेश’ तथा आत्मनिर्भर किसानों और तकनीकी प्रगति पर केंद्रित है।
महोत्सव में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा रबी फसलों की तैयारी एवं उन्नत बीजों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी तथा पैक्स सदस्यता के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। श्री श्रोत्रिय ने सभी विभागों से उनकी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री का वर्चुअल उद्बोधन एवं जिले के किसानों से वर्चुअल संवाद भी किया जाएगा। प्रगतिशील एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। कृषि क्षेत्र में डिजिटल माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं का सम्मान तथा विभिन्न विभागों द्वारा कृषि तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान उन्नतशील कृषकों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान और विभागीय प्रदर्शनियों का अवलोकन कराया जाएगा। श्री श्रोत्रिय ने जिला पंचायत सीईओ को कृषि विभाग से समन्वय कर सभी तैयारियां पूर्ण रखने एवं व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
