विजयराघवगढ़ तहसील में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, बंटवारा नस्ती में कमियां मिलने पर जताई नाराजगी
कलेक्टर आशीष तिवारी ने रीडर की टेबल पर रखी बंटवारा नस्ती खुद जांची, तहसीलदार और रीडर को नोटिस जारी करने के निर्देश
कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत कलेक्टर आशीष तिवारी ने शुक्रवार को विजयराघवगढ़ संयुक्त तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व प्रकरणों की स्थिति, अभिलेखों के रखरखाव और नागरिकों से जुड़े मामलों की कार्यप्रणाली को करीब से देखा। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रक्रियात्मक कमियां सामने आने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सीधे नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचे और वहां लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व कार्यों की समीक्षा के साथ यह भी देखा कि नागरिकों से जुड़े मामलों का निराकरण किस तरह किया जा रहा है। तहसील कार्यालय पहुंचे नागरिकों से कलेक्टर ने स्वयं बातचीत की और उनके कार्यालय आने का कारण पूछा। उनकी समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और निराकरण के निर्देश दिए।

बंटवारा प्रकरण में कमियां मिलने पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान फर्द-बंटवारा और नक्शा प्रदर्शित नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। इसके अलावा अभिलेख में नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं थे और पद-मुद्रा की सील भी नहीं लगी हुई थी। इन प्रक्रियात्मक कमियों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
कलेक्टर ने एसडीएम विजयराघवगढ़ निधि सिंह गोहल को नायब तहसीलदार प्रेमलाल चौधरी और रीडर मोहम्मद यूसुफ सिद्दीकी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने खुद जांची बंटवारा नस्ती
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रीडर की टेबल पर रखी बंटवारा नस्तियों में से एक प्रकरण को स्वयं जांचा। नस्ती में कमियां पाए जाने पर उन्होंने मौके पर ही आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए। अपने सामने प्रकरण की कमियां पूर्ण कराते हुए उन्होंने तहसीलदार से जरूरी हस्ताक्षर करवाए और पद-मुद्रा की सील भी लगवाई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंटवारा संबंधी कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी तरह सही तरीके से की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और दस्तावेजों की जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
लंबित मामलों के समय-सीमा में निराकरण पर जोर
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि लंबित राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि नागरिकों को अपने काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने तहसील कार्यालय में रखे अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों को राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, एसडीएम विजयराघवगढ़ निधि सिंह गोहल सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

