कलेक्टर-एसपी ने विभिन्न शासकीय संस्थाओं का किया निरीक्षण
(सतना) मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर-एसपी ने सोहावल विकासखण्ड मुख्यालय में पुलिस चौकी, निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत कार्यालय भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनवाडी केन्द्र और शासकीय कन्या हाईस्कूल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय के निर्माणाधीन भवन की एजेंसी और अधिकारियों से कार्य में गति लाते हुए गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।
स्वास्थ्य केन्द्र की हर्बल अशोक वाटिका की सराहना की
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर-एसपी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोहावल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान अस्पताल की ओपीडी, प्रसुति महिलाओं का भर्ती कक्ष, औषधि वितरण कक्ष तथा औषधि पौधों की विकसित की गई अशोक वाटिका का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की साफ-सफाई व्यवस्था और उपकरणों के उचित रख-रखाव पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए स्वास्थ्य केन्द्र में विकसित की गई औषधि पौधों की हर्बल गार्डन और अशोक वाटिका में लगे पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि यह औषधि पौधों की अशोक वाटिका हाल ही में सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ मेडीकल आफीसर डॉ. अशोक द्विवेदी द्वारा तैयार की गई है। कलेक्टर ने डॉ. अशोक द्विवेदी द्वारा अस्पताल में की गई साज-सज्जा और अशोक वाटिका की सराहना की।
शासकीय कन्या हाईस्कूल के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर-एसपी ने शासकीय कन्या हाईस्कूल सोहावल पहुंचकर कक्षा 9वी और 10वीं की छात्राओं से संवाद किया और पुस्तक वितरण तथा पठन-पाठन की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यालय भवन के पीछे पीआईयू विभाग एजेंसी द्वारा बनाये जा रहे शासकीय कन्या हाईस्कूल के निर्माणाधीन भवन का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर डॉ. सतीश कुूमार एस ने संबंधित एजेंसी पीआईयू के अधिकारियों और ठेकेदार महेन्द्र मिश्रा द्वारा मई 2025 में दिये गये वर्क आडर के बावजूद अब तक विद्यालय भवन के निर्माण मे अपेक्षित प्रगति नहीं लाये जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। पीआईयू के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि कार्य में प्रगति नहीं आने पर संबंधित ठेकेदार की निविदा टर्मिनेट भी की जा चुकी है। इसके बाद एक मौका और देकर उन्हें प्रगति के अनुसार निविदा रिबोक की गई है। कलेक्टर ने हाईस्कूल के निर्माणाधीन भवन की प्रगति डेढ साल की अवधि में अपेक्षित रूप से नहीं लाने पर निविदाकार की निविदा पुनः टर्मिनेट करते हुए रि-टेण्डर कराकर कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
